मध्य प्रदेश के सतना जिले के गवर्नमेंट कॉलेज की अव्यवस्था से परेशान छात्रों ने मेन गेट में ताला जड़ दिया। छात्रों का आरोप है कि महाविद्यालय पोर्टल के नाम पर 30 रुपये की अवैध वसूली कर रहा है। इसके अलावा 1-2 नम्बरों से सप्लीमेंट्री किया जा रहा है। सतना के गवर्नमेंट ऑटोनोमस कॉलेज के मेन गेट में नाराज छात्रों ने ताला लगा दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और अव्यवस्थाओं के लिए कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि महाविद्यालय के गोपनीय विभाग ने विद्यार्थियों को एक-दो अंक कम देकर सप्लीमेंट्री लगा दिया है। जबकि इतने अंकों का कृपांक भी दे सकते थे। विद्यार्थियों ने कहा कि कृपांक की व्यवस्था है इसलिए उपयोग की जा सकती थी पर प्राध्यापकों ने जानबूझकर हमारा भविष्य खराब करने का काम किया है। बीए फाइनल ईयर की छात्रा निकिता शुक्ला ने कहा कि मुझे भूगोल में कम नंबर दिया गया। जबकि पेपर पूरा बन गया था। मैं चाहती हूं कि कॉपी हमारे सामने चेक की जाए, नहीं तो हम आगे भी कार्रवाई करेंगे। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को अड़े हाथों लेते हुए कहा कि यहां कब कौन से कक्षा लगती है, यह पता ही नहीं चलता। बड़ी बात तो यह है कि जिन विषयों में कम अंक दिए गए हैं उन विषयों के प्राध्यापकों को पहचानते तक नहीं है। छात्र निखिल साहू ने कहा कि 70 फीसदी विद्यार्थियों को एटीकेटी लगा दिया गया है। हम तो यह भी नहीं जानते कि कौन से सर कौन सा विषय पढ़ाते हैं। इसके बाद भी महाविद्यालय ने एक-एक, दो-दो नंबरों से एटीकेटी लगा दिया। छात्र नेता गौरव सिंह ने कहा कि एटीकेटी तो है ही। यह समस्या है जिन विद्यार्थियों ने लिखा है उन्हें भी अनुपस्थित कर दिया गया है। यहां का गोपनीय विभाग का अधिकारी जब से बदला है तब से ज्यादा समस्या आ रही है।गुस्साए छात्रों का प्रदर्शन कई घंटों तक चलता रहा। छात्र इस बात पर अड़े रहे कि कॉलेज 30 रुपये की शुल्क का हिसाब दे। छात्र शिवेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि 30 रुपये सालाना शुल्क लिया जाता है, यहां 15 हजार छात्र हैं। इस हिसाब से देखा जाय तो 4 लाख 50 हजार होता है। इसका हिसाब चाहिए यह किस काम की ली जाती है। कई बार पोर्टल के नाम पर बताया जाता है।




