भोपाल । भोपाल रेलवे स्टेशन पर सिंगरौली के बैढ़न का रहने वाला अब्दुल कादिर वंदे भारत एक्सप्रेस में पेशाब करने चढ़ गया। वह जब तक उतरता उसके पहले ट्रेन चल पड़ी। उसे जैसे ही ट्रेन के चलने का अहसास हुआ तो वह ट्रेन से उतरने के लिए शौचालय से गेट की तरफ भागा, लेकिन तब तक गेट लाक हो चुके थे। वंदे भारत एक्सप्रेस के गेट स्वत: लाक होते हैं, इसलिए उन्हें खोला नहीं जा सकता। जब तक ट्रेन की गति कम थी, तब तक वह ट्रेन में चल रहे टीटीई से ट्रेन को रुकवाने की मांग करते रहा लेकिन ट्रेन नहीं रोकी जा सकती थी बल्कि बिना टिकट चढ़ने पर टीटीई ने उस पर 1020 रुपये का जुर्माना लगा दिया। यहीं नहीं, जिस दूसरी ट्रेन से उसे जाना था वह अलग छूट गई और प्लेटफार्म पर इंतजार कर रहा उसका परिवार भी परेशान हुआ। इस तरह वह वंदे भारत एक्सप्रेस में उज्जैन पहुंच गया, क्योंकि यहीं पर इस ट्रेन का पहला ठहराव है। युवक को 1020 रुपये जुर्माना, 800 रुपये उज्जैन से भोपाल पहुंचने के लिए और छूटी हुई ट्रेन में बुक कराई टिकट के किराये को मिलाकर करीब छह हजार रुपये की चपत लगी। यह घटना 15 जुलाई को शाम की है।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रात नौ बजे सिंगरौली के लिए अब्दुल की ट्रेन थी। इसके पहले शाम करीब पांच बजे वह हैदराबाद से भोपाल स्टेशन पहुंचा था। वंदे भारत एक्सप्रेस में उसने जो वजह बताई उसके मुताबिक वह पेशाब करने के लिए चढ़ा था।
भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता सूबेदार सिंह का कहना है कि प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन के अंदर पेशाब करना नियमों के खिलाफ है। रेलवे की ओर से यात्रियों को बार-बार सलाह दी जाती है कि जब ट्रेन खड़ी हो तो शौचालय का उपयोग न करें। तब भी वह ट्रेन में चढ़ गया था। ट्रेन आपात स्थिति में ही रोकी जा सकती है, लेकिन आपात स्थिति नहीं थी इसलिए नहीं रोकी गई। बल्कि ऐसे प्रकरण में जुर्माने का प्रविधान है, जो कि नियमों के तहत लगाया गया।




