आयुर्वेदिक दवा का निर्माण करने वाले इंदौर के उद्योग आयुर्वेद व हर्बल क्लस्टर बनाने की मांग पिछले दो साल से राज्य सरकार व केंद्र के प्रतिनिधियों से कर चुके हैं, लेकिन हमें जमीन नहीं मिल रही है। आयुर्वेदिक दवा निर्माता संगठन के प्रतिनिधियों ने शनिवार को अपनी यह समस्या केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश के समक्ष रखी। मंत्री ने भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा शहर के उद्योगपतियों और व्यवसाय के लिए रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित संगोष्ठी और संवाद कार्यक्रम में इंदौर के उद्योगपतियों से चर्चा की। फार्मा क्लस्टर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सांसद के माध्यम से इसे मेरे समक्ष प्रस्तुत करें। शहर के ट्रांसपोर्ट व्यापारियों ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि वर्तमान में लाजिस्टिक कास्ट को 14 से 10 प्रतिशत तक लाने की बात कही जाती है। उद्योग भी चाहते हैं कि परिवहन लागत कम हो।हकीकत यह है कि माल परिवहन के दौरान सड़कों पर हमें दो रुपये प्रति किलोमीटर भ्रष्टाचार के रूप में देना पड़ रहा है। इससे लागत कैसे कम होगी। इस मुद्दे पर ट्रांसपोर्ट व्यापारी ने केंद्रीय मंत्री को प्रतिवेदन दिया। इंदौर के व्यापारियों ने रेरा का स्टेट एडवायजरी काउंसिल का कार्यालय इंदौर में बनाने की मांग की। इंदौर में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का ब्रांच आफिस व कृषि व प्रोसेस फूड का एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथारिटी का आफिस भोपाल से इंदौर करने की मांग की गई।
कार्यक्रम में शहर के उद्योगपतियों के अलावा सांसद शंकर लालवानी, शहर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे व उमाशशि शर्मा सहित शहर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि 20 दिन पहले मैं दुबई गया था। वहां के लोग भारत में निवेश करना सुरक्षित मानते हैं और 75 बिलियन डालर निवेश करने को तैयार है। पिछले नौ साल में देश में यूनिवर्सिटी, आइआइटी व आइएमएम की संख्या बढ़ी है। भारत को जी-20 की अध्यक्षता का मौका मिला और वर्ष 2070 तक भारत का कार्बन न्यूट्रल होने का लक्ष्य है। भारत में क्लस्टर डेवलपमेंट की प्रक्रिया काफी पहले चली आ रही है।पिछले दिनों यूरोपीयन डे के लिए गया था जहां पर 27 देशों के लोग थे। वहां महसूस किया अब लोग भारत के बारे में आदर से बात करते है। पहले भारत जादूगर व भिखारियों को देश माना जाता था, लेकिन अब उद्योग क्षेत्र में काम करने वालों का देश माना जाता है। मैंने भी वहां मौजूद लोगों से मजाक में ही कहा कि यदि निवेश करना तो विश्व में एकमात्र भारत ही है। अन्य देशों की आबादी कम हो गई है और यदि आपका अगला जन्म होना भी हो तो भारत में ही होगा।
आप भारत में निवेश करोंगे तो अगले जन्म में आज जो यूराेप में आनंद ले रहे हो उससे ज्यादा आनंद भारत में मिलेगा। मंत्री मुनगंटीवार ने कहा कि जब मैं छात्र राजनीति में था। उस समय ख्यात नेता प्रमोद महाजन ने कहा था कि मीठे पानी की नदियां समुद्र में जाकर मिलती हैं, लेकिन उसका पानी खारा रहता है। फिर भी नदियां बहना बंद नहीं करती हैं।
कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को कुर्सी व सत्ता के अलावा कुछ नहीं दिखता। आत्मविश्वासविहीन कांग्रेस आत्मनिर्भर भारत की बात नहीं कर सकती है।




