Wednesday, May 20, 2026
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सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रदर्शित किए जाएं मानसिक स्वास्थ्य सहायता हेल्पलाइन नंबर

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग एंड इंप्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क कमेटी की हुई बैठक
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए दिए महत्वपूर्ण निर्देश

अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन की अध्यक्षता में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए गठित Monitoring and Implementation Framework Committee की आज मंत्रालय में बैठक हुई।

अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संबंधित टेली मानस-14416, उमंग हेल्पलाइन-14425 तथा इमरजेंसी डायल-112 प्रदर्शित करने, हेल्पलाइन नंबरों का स्कूलों एवं महाविद्यालयों में व्यापक प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक करने को कहा।

श्री राजन ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिला स्तर पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स का गठन किया जा चुका है। अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने निर्देश दिए कि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समितियों की बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाए तथा उसकी जानकारी राज्य स्तर पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलों में आयोजित होने वाली समय-सीमा बैठकों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री राजन ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पैरा-35 में जारी दिशा-निर्देशों का सभी संबंधित विभाग गंभीरता से अध्ययन करें और उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। प्रत्येक संस्थान में काउंसलर की नियुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य रेफरल प्रणाली विकसित की जाए। गार्जियन ट्यूटर योजना/मेंटरशिप प्रणाली को प्रभावी बनाने, भेदभाव, सार्वजनिक अपमान एवं अत्यधिक शैक्षणिक दबाव पर रोक लगाने, हेल्पलाइन एवं आपात मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शिक्षक एवं कर्मचारियों को नियमित मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण देने को कहा।

श्री राजन ने एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एलजीबीटीक्यू एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संवेदनशील एवं समावेशी वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही रैगिंग, बुलिंग एवं उत्पीड़न की रोकथाम तथा प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने अभिभावकों के लिए जागरूकता एवं मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करने, मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने तथा खेल, कला एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। नियमित करियर काउंसलिंग एवं वैकल्पिक करियर मार्गदर्शन, छात्रावासों को नशा मुक्त एवं सुरक्षित बनाए रखने तथा कोचिंग हब में विशेष मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण श्री के.जी. तिवारी, जनजातीय कार्य विभाग आयुक्त श्री तरुण राठी, तकनीकी शिक्षा आयुक्त श्री अवधेश शर्मा सहित स्कूल शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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