संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला हुई
भोपाल : शनिवार, मई 9, 2026,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि भोपाल जैसे बड़े शहरों में शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ साथ निजी क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाएं भी बड़े पैमाने पर सेवाएं दे रही हैं। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए प्राइवेट सेक्टर द्वारा रिपोर्ट किया जाना बेहद जरूरी है।
डॉ. शर्मा ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए अनमोल पोर्टल पर प्रविष्टियों की जानकारी साझा की। राष्ट्रीय एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम अंतर्गत शनिवार को स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सम्मिलित निजी अस्पतालों को संक्रामक रोगों की निगरानी के लिए आवश्यक रिपोर्टिंग फॉर्म की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा, नर्सिंग होम एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता, वरिष्ठतम चिकित्सक डॉ. अनूप हजेला, पब्लिक हेल्थ फिजिशियन डॉ. चंद्रकांत मोघे, सहायक संचालक एनएबीएच डॉ. नवीन चौधरी, भारतीय गुणवत्ता परिषद के सलाहकार जगत पटेल, डॉ. श्रव्या सालम, राज्य एपिडेमियोलॉजिस्ट, जापाईगो संस्था से डॉ.ज्योति बनवारी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ.कामिनी मेहरा द्वारा सम्बोधित किया गया।
कार्यशाला में सम्मिलित विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई कि समय पर सरकार को साझा की गई जानकारी से बीमारियों की रोकथाम, चेतावनी, आउटब्रेक मैनेजमेंट आसानी से किया जा सकता है। सिर्फ शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के डेटा से उभरती महामारियों या आपात स्थितियों का सही आंकलन नहीं किया जा सकता है। अंडर रिपोर्टिंग के कारण बीमारियों से निपटने में गलत निर्णय लेने का खतरा रहता है। नोटिफायबल डिजीज रिपोर्टिंग के कानूनी दायरे में प्राइवेट हेल्थ फेसिलिटीज भी आते हैं, इसलिए उनकी रिपोर्टिंग न केवल वैज्ञानिक रूप से जरूरी है, बल्कि कानूनी दायित्व के तौर पर भी महत्वपूर्ण है।




