Thursday, April 23, 2026
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विज्ञान मंथन यात्रा में विद्यार्थियों ने किया इसरो एवं वीआईटीएम का भ्रमण

अंतरिक्ष विज्ञान का मिला प्रत्यक्ष अनुभव
विज्ञान की विविध गतिविधियों का किया अवलोकन

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित 18वीं “विज्ञान मंथन यात्रा” में विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों से परिचित कराया जा रहा है। यात्रा में विद्यार्थियों ने बैंगलुरु में इसरो के प्रमुख केंद्रों का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) और मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) का अवलोकन किया। यहां वैज्ञानिकों ने मिशन ऑपरेशन, मिशन कंट्रोल और मिशन विश्लेषण की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में प्रक्षेपित उपग्रहों और यानों का संचालन एमओएक्स के माध्यम से किया जाता है।

विद्यार्थियों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा के प्रमुख पड़ावों—आर्यभट्ट, चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3, गगनयान और आदित्य एल-1 की जानकारी दी गई, जिससे उनकी वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ी। इस अवसर पर आई.एस.टी.आर.ए.सी के निदेशक श्री ए. आर. अनिल कुमार ने विद्यार्थियों को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वैज्ञानिकों के साथ संवाद से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जटिल प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) और इंडियन स्पेस साइंस डेटा सेंटर का भी भ्रमण किया। यहां 32 मीटर व्यास के अत्याधुनिक एंटीना की कार्यप्रणाली बताई गई, जो दूरस्थ अंतरिक्ष यानों से आने वाले कमजोर संकेतों को ग्रहण करता है। यह एंटीना चंद्रयान जैसे मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही, उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली और उसके उपयोगों की जानकारी भी दी गई।

यात्रा में विद्यार्थियों को बेंगलुरु स्थित विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों को ‘आर्यभट्ट’, ‘विक्रम साराभाई’ और ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम’ समूहों में विभाजित किया गया। विद्यार्थियों ने स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन, इंजन एवं मैकेनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और फन साइंस गैलरियों का अवलोकन किया। यहां इंटरैक्टिव मॉडलों के माध्यम से उपग्रह, रॉकेट प्रक्षेपण, संचार तकनीक, मशीनों के सिद्धांत और डीएनए संरचना को सरल तरीके से समझाया गया। थ्रीडी साइंस शो और “साइंस ऑन ए स्फीयर” ने अंतरिक्ष और पृथ्वी से जुड़े विषयों को रोचक बनाया। रोबोटिक्स और डायनासोर प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहे।

संग्रहालय में “फन विद केमिस्ट्री” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें रासायनिक प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रायोगिक अधिगम से जोड़ा गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और विज्ञान के प्रति रुचि दिखाई। यात्रा में कुल 389 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 344 छात्र-छात्राएं, 26 शिक्षक, 11 एमपीसीएसटी अधिकारी एवं आईआरसीटीसी टीम के सदस्य सम्मिलित हैं।

यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी रहा। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित हुई।

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