Friday, February 27, 2026
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आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की – “स्वास्थ्य देखभाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) अध्याय को यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करने वाले सबसे ज़्यादा दर्शक” पाने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से आधिकारिक मान्यता

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त निकाय आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) ने बुधवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब उसे “स्वास्थ्य देखभाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) अध्याय को यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करने वाले सबसे ज़्यादा दर्शक” पाने के लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से आधिकारिक मान्यता मिली।

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यह रिकॉर्ड स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन के माध्यम से हासिल किया गया, जिसे देश भर के पंजीकृत चिकित्सकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था।

इस कार्यक्रम को सबसे ज़्यादा 17,999 लोगों ने देखा।

यह आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) द्वारा डॉ. अभिजात सेठ अध्यक्ष, एनबीईएमएस एवं राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग(एनएमसी) के चेयरमैन, के नेतृत्व में परिकल्पित एक एआई प्रशिक्षण पहल था, जिसका उद्देश्य चिकित्सकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बुनियादी तथा व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम में कुल 20 मॉड्यूल शामिल हैं, इनको हावर्ड विश्वविद्यालय(यूएसए), भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु आदि के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संकाय द्वारा छह महीने तक पढ़ाया जाएगा।  आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) इस कार्यक्रम के लिए प्रतिभागियों से कोई शुल्क नहीं ले रहा है।

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देश भर के चिकित्सा पेशेवरों के लिए एआई पर आधारित इस मेगा डिजिटल अकादमिक ई-लर्निंग कार्यक्रम की योजना एवं क्रियान्वयन डॉ. राकेश शर्मा, शासी निकाय सदस्य, आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस)  तथा डॉ. एवीएस सुरेश, हैदराबाद, द्वारा एनबीईएमएस टीम के साथ मिलकर किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न एआई विशेषज्ञों के सहयोग से संपन्न हुआ।

रिकॉर्ड प्रयास का आधिकारिक मूल्यांकन गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा नियुक्त स्वप्निल डांगरीकर के नेतृत्व में एक टीम ने किया। उपलब्धि की पुष्टि से पहले टीम ने गहन मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया पूरी की।

डॉ. सेठ ने कहा, “यह उपलब्धि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित है, जिन्होंने सदैव डिजिटल इंडिया, तकनीकी नवाचार तथा शासन और सार्वजनिक सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के जिम्मेदाराना उपयोग पर बल दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, अकादमिक साझेदारों और सहभागी चिकित्सकों के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सामूहिक प्रयास से यह उपलब्धि संभव हो सकी।”

उन्होंने कहा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से प्राप्त यह मान्यता मात्र एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा में डिजिटल नवाचार को अपनाने में भारत के नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) दक्षता-आधारित शिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और देश भर में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से ऐसी पहलों को आगे भी जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, “आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड(एनबीईएमएस) में हमारा विश्वास है कि चिकित्सा शिक्षा को वैश्विक प्रगति के साथ निरंतर विकसित होना चाहिए। हमारा लक्ष्य सिर्फ विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना नहीं, बल्कि भविष्य के लिए ऐसे स्वास्थ्य नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है जो नई प्रौद्योगिकियों का जिम्मेदारी से उपयोग कर सकें। यह रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह इस बात का प्रमाण है कि एनबीईएमएस बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

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इस कार्यक्रम में देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों से जुड़े चिकित्सकों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली, जो स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है।

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