लंदन स्थित सैन्य, राजनीतिक और सुरक्षा मामलों की अग्रणी संस्था- इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज का मानना है कि पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ सैन्य गतिरोध, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था, दुनिया का सबसे लंबा बियॉन्ड-विजुअल-रेंज-बीवीआर वायु-से-वायु संघर्ष था। बीवीआर का मतलब विमानों द्वारा रॉकेट या मिसाइल दागकर दूर स्थित उड़ने वाली वस्तुओं को निशाना बनाने से है, जो आमतौर पर नंगी आंखों से दिखाई नहीं देती हैं।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक -आईआईएसएस की मिलिट्री बैलेंस 2026 रिपोर्ट के अनुसार, इस 87 घंटे के संघर्ष में अत्याधुनिक जेट विमानों ने अत्यधिक दूरी से हमला किया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले से प्रेरित होकर, भारत ने राफेल और सु-30एमकेआई जेट विमानों से हवाई हमले शुरू किए, जिसमें एक पाकिस्तानी विमान को 300 किमी की दूरी से एस-400 द्वारा मार गिराने का रिकॉर्ड दर्ज किया। भारतीय विमानों ने आज़ाद जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ पाकिस्तानी पंजाब में नौ कथित आतंकवादी ठिकानों या शिविरों पर हमले किए। हालांकि भारत द्वारा इस्तेमाल किए गए विमानों और हथियारों को लेकर रिपोर्टें अलग-अलग हैं। भारत ने कहा कि इन स्थलों को निशाना बनाने के लिए एमबीडीए स्कैल्प-ईजी लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों और सफ्रान एएएसएम हैमर 250 गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें डसॉल्ट राफेल विमान से प्रक्षेपण किया गया था।




