Tuesday, February 24, 2026
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इस्राइल में भारत के राजदूत जे. पी. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इस्राइल यात्रा को ऐतिहासिक बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की इस्राइल यात्रा पर कल रवाना होंगे। तेल अवीव में प्रधानमंत्री इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। इसके बाद श्री मोदी यरुशलम में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस्राइल में भारत के राजदूत जे. पी. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को ऐतिहासिक बताया है। यरुशलम में आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में श्री जेपी सिंह ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और इज़राइल एकमत हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट के समय दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। श्री सिंह ने बताया कि श्री नेतन्याहू के साथ वार्ता के अलावा, श्री मोदी इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी भेंट करेंगे। श्री मोदी इस्राइल की संसद को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 2017 में इस्राइल की यात्रा के समय दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की नींव रखी थी। श्री सिंह ने कहा कि अब उस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता के बाद कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

भारतीय राजदूत ने कहा कि वार्ता में नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, क्वांटम तकनीक और अन्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

इज़राइल में भारतीय समुदाय एक जीवंत और विविध समूह है, जिसमें लगभग 85,000 यहूदी भारतीय मूल के लोग और लगभग 18,000 से 20,000 भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश भारतीय यहूदी महाराष्ट्र (बेने इज़राइली), केरल (कोचिनी यहूदी) और कोलकाता (बगदादी यहूदी) से हैं।

इज़राइल में भारतीय यहूदी समुदाय का इतिहास कई दशकों पुराना है। इनमें से अधिकांश लोग 1950 और 1960 के दशक में भारत से इज़राइल चले गए थे। आज, वे इज़राइल के समाज में पूरी तरह से एकीकृत हो गए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इज़राइल में भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिनमें देखभालकर्ता, हीरा व्यापारी, आईटी पेशेवर और छात्र शामिल हैं। वे इज़राइल की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और देश की सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा दे रहे हैं।

इज़राइल में भारतीय समुदाय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें भारतीय यहूदियों का राष्ट्रीय सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। ये कार्यक्रम इज़राइल और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करते हैं।

भारत और इज़राइल के बीच संबंध 1992 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से मजबूत हुए हैं। दोनों देश रक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। इज़राइल भारतीय पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है, और हर साल 70,000 से अधिक भारतीय पर्यटक इज़राइल आते हैं।

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