भोपाल : सोमवार, फरवरी 23, 2026,
मध्यप्रदेश में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रेलवे लाइनों और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के आसपास भूमि चिन्हित कर नए आईसीडी और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएँ। लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम हो, उद्योगों को समय पर आपूर्ति मिले और टाइम-टू-मार्केट में सुधार आए, इसके लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। रेलवेज और एमपीआईडीसी के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए। यह निर्देश केंद्रीय कैबिनेट, सेक्रेटेरिएट सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन) श्री मनोज गोविल ने समीक्षा बैठक में दिए ।
भूमि अधिग्रहण, वन एवं वन्यजीव अनुमति, मुआवजा वितरण, थ्री-जी अवार्ड की घोषणा, जॉइंट मेजरमेंट सर्वे और शेष भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
बिल्डिंग ए फ्यूचर-रेडी ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम फॉर मध्यप्रदेश” विषय पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन) श्री मनोज गोविल की अध्यक्षता में “बिल्डिंग ए फ्यूचर-रेडी ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम फॉर मध्यप्रदेश” विषय पर व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह तथा एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे।
बैठक में सूखी सेवनिया स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की टेक्निकल प्रगति, रेल कनेक्टिविटी, कार्गो हैंडलिंग क्षमता, भूमि उपलब्धता और भविष्य के एक्सपेंशन पर चर्चा हुई। मंडीदीप स्थित कॉनकोर आईसीडी की परफॉर्मेंस, कंटेनर मूवमेंट ट्रेंड, डिमांड-सप्लाई विश्लेषण और बढ़ती औद्योगिक आवश्यकता के अनुसार एक्सपेंशन की जरूरत पर विचार किया गया। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के समयबद्ध विस्तार पर जोर दिया गया।
राज्य लॉजिस्टिक्स पॉलिसी और ड्राफ्ट स्टेट लॉजिस्टिक्स एक्शन प्लान की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह कार्ययोजना नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी LEADS तथा पी एम गति शक्ति के अनुरूप तैयार की जा रही है। इसमें मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन, एमएमएलपी, रेल-लिंक्ड इंडस्ट्रियल नोड्स, भोपाल और इंदौर के लिए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान, ईवी ट्रांजिशन, डिजिटल लॉजिस्टिक्स डैशबोर्ड, यूएलआईपी इंटीग्रेशन, सिंगल विंडो फैसिलिटेशन और समयबद्ध अप्रूवल सिस्टम जैसे प्रावधान शामिल हैं।
पीएम गति शक्ति स्टेट मास्टर प्लान के अंतर्गत 29 अनिवार्य लेयर्स और 900 से अधिक अतिरिक्त डाटा लेयर्स का इंटीग्रेशन किया गया है। 22 विभागों की ऑनबोर्डिंग के साथ जीआईएस आधारित इंटीग्रेटेड प्लानिंग मॉडल के माध्यम से होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच को लागू किया जा रहा है।
द्वितीय सत्र में हर्ष एक्सप्रेस, डीपी वर्ल्ड, सेफ एक्सप्रेस, गेटवे डिस्ट्रीपैक, सी एशिया शिपिंग और दावर रोडवेज सहित लॉजिस्टिक्स एवं ट्रांसपोर्ट कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद हुआ। मल्टीमॉडल ट्रांसफर बॉटलनेक्स, ट्रक टर्मिनल और वेयरहाउसिंग गैप, एक्सिम लॉजिस्टिक्स चुनौतियाँ, ईवी ट्रांजिशन की व्यवहार्यता, डिजिटाइजेशन सुधार और ईज ऑफ डूइंग लॉजिस्टिक्स से जुड़े सुझाव प्राप्त हुए। उद्योग जगत द्वारा स्टेट लॉजिस्टिक्स एक्शन प्लान के लिए संरचित सुझाव देने पर सहमति बनी।
पीएमजी समीक्षा में 10 प्रमुख परियोजनाओं के 11 लंबित मुद्दों पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के तृतीय चरण में वल्लभ भवन स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पीएमजी (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। संयुक्त अध्यक्षता मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन) श्री मनोज गोविल ने की।
रेल, राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से संबंधित 10 प्रमुख परियोजनाओं के 11 लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें से 6 राज्य स्तर पर लंबित पाए गए। इंदौर–बुधनी नई रेलवे लाइन, एनएच-146बी (पैकेज 3 एवं 4) तथा इंदौर वेस्टर्न बायपास (पैकेज 1 एवं 2) की प्रगति की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।




