Saturday, February 21, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति की वार्ता के बाद ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ की स्थापना की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फ्रांस के साथ ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ शुरू करने की घोषणा की। मुंबई के लोक भवन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ संयुक्‍त बयान में उन्होंने कहा कि यह साझेदारी न सिर्फ़ रणनीतिक है, बल्कि आज के अस्थिर ग्लोबल हालात के बीच वैश्विक स्थिरता और खुशहाली के लिए भी है। श्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रिश्ते बहुत खास हैं, फ्रांस भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक है।

दोनों नेताओं ने कर्नाटक के वेमागल में H-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअली उद्घाटन किया, जिसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने एयरबस के साथ साझेदारी में बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सेना और पूर्व सैनिक कार्य मंत्री कैथरीन वॉट्रिन साइट पर मौजूद थीं। इस फैसिलिटी को दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों का प्रतीक बताते हुए, श्री मोदी ने भरोसा प्रकट किया कि फ्रांस के साथ मिलकर भारत में बने ये हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट जितनी ऊंचाई पर उड़ने वाले पहले एयरक्राफ्ट होंगे और दुनिया भर में निर्यात किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी की कोई सीमा नहीं है, क्योंकि यह गहरे समुद्र से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ों तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि साल 2026 भारत-यूरोपीय रिश्तों में निर्णायक मोड है। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि दोनों पक्षों के बीच हाल ही में हुआ मुक्‍त व्‍यापार समझौता भारत और फ्रांस के बीच रिश्तों को और प्रगाढ करेगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश दोहरे कराधान को खत्म करने के लिए समझौता कर रहे हैं, जिससे द्विपक्षीय व्‍यापार, निवेश और मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने इस समझौते को ‘रोडमैप ऑफ़ शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी’ कहा।

श्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस ईयर ऑफ़ इनोवेशन के लॉन्च के साथ, दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को ‘पार्टनरशिप ऑफ़ पीपल’ में बदल देंगे, जिसका उद्देश्‍य लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना और रक्षा, स्‍वच्‍छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और उभरती टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उद्योग और नवप्रवर्तकों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ज़रूरी खनिज, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटीरियल्स में सहयोग को गप्रगाढ करने के लिए काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय रिश्ते भरोसे, खुलेपन और एक जैसी उम्मीदों पर आधारित हैं। उन्‍होंने कहा कि फ्रांस भारत का भरोसेमंद साथी बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अंतरिक्ष, एयरोनॉटिक्स, रेलवे, सौर ऊर्जा, अवसंरचना, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़ और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में एक जैसा विज़न रखते हैं। उन्‍होंने साथ मिलकर काम करने का विज़न भी बताया। उन्होंने भरोसा प्रकट किया कि भारत और फ्रांस के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने इंडिया-ईयू मुक्‍त व्‍यापार समझौते का स्वागत किया। भारत इस वर्ष ब्रिक्‍स का अध्‍यक्ष है जबकि फ्रांस G7 का अध्‍यक्ष है। इसका जिक्र करते हुए राष्‍ट्रपति मैक्रों ने अलग-अलग द्विपक्षीय और ग्लोबल मुद्दों पर एक जैसे विज़न की अहमियत पर ज़ोर दिया।

इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, और भारतीय और फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे। बाद में, दोनों नेताओं ने मुंबई में भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम का भी उद्घाटन किया। वहां मौजूद लोगों से प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन को सिर्फ एक उत्‍सव नहीं, बल्कि नवाचार करने और नेतृत्‍व करने की साझा प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने वर्ष 2030 तक 30,000 विद्यार्थियों का देश में स्‍वागत करने का लक्ष्‍य रखा है।

श्री मोदी ने कहा कि जब भारत की गति और कौशल फ्रांस की ताकत के साथ मिलेंगे, तो दुनिया के लिए नए रास्ते बनेंगे। 2026 को भारत-फ्रांस रिश्तों के लिए विशेष वर्ष बताते हुए श्री मोदी ने नेताओं, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों और नवप्रवर्तकों को भारत में निवेश करने और एक ऐसा भविष्‍य बनाने में मदद करने के लिए निमंत्रित किया, जहां टेक्नोलॉजी इंसानियत की सेवा करे और प्रगति सबको साथ लेकर चलने वाली हो। वहां मौजूद लोगों से राष्‍ट्रपति मैक्रों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देश अब सिर्फ सामान का ही व्‍यापार नहीं कर रहे हैं, बल्कि विचार का भी व्‍यापार कर रहे हैं। उन्होंने इंडियन टेक टैलेंट और स्टार्ट-अप्स के लिए खासकर ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्पेस के क्षेत्र में फ्रांस के साथ सहयोग करने के लिए नए प्रोत्‍साहनों की घोषणा की। इस अवसर पर दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, शोधार्थी और अन्‍य नवप्रवर्तक मौजूद थे।

इससे पहले दिन में, इससे पहले, दिन में, प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्‍ट्रपति मैक्रों ने मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्‍तर की बातचीत की। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, व्‍यापार और कसांस्‍कृतिक आदान प्रदान समेत खास क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की।

फ्रांस के राष्‍ट्रपति ने मुंबई के ऐतिहासिक ताज महल पैलेस होटल में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के पीडितों को राष्‍ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फ्रांस आतंकवाद, एकता और पक्के इरादे के साथ भारत के साथ खड़ा है, और पीडितों के परिवारों और प्रियजनों को सहायता दे रहा है। राष्‍ट्रपति मैक्रों ने भारतीय सिनेमा की जानी-मानी हस्तियों से भी बातचीत की, और दोनों देशों के बीच सांस्‍कृतिक रिश्तों पर बल दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत की तीन दिन की सरकारी यात्रा पर मुंबई पहुंचे।

भारत और फ्रांस ने आज भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के बीच 21 समझौते हुए। दोनों पक्षों ने उन्नत साझेदारी और होराइजन 2047 रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्रियों के संवाद की स्थापना पर सहमति जताई। दोनों देशों ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और भारत-फ्रांस नवाचार नेटवर्क के शुभारंभ पर भी सहमति व्यक्त की।

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