यूनिसेफ ने कल एक रिपोर्ट में बताया कि हैती गणराज्य में सशस्त्र समूहों द्वारा बच्चों की भर्ती में पिछले साल तीन गुना वृद्धि हुई है। इससे अशांत कैरेबियन देश में गरीबी और हिंसा बढ़ती जा रही है।
यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब गिरोह हिंसा के कारण हैती में रिकॉर्ड 14 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से आधे से अधिक बच्चे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बच्चे असुरक्षित और असहाय स्थिति में हैं।
हैती में यूनिसेफ की प्रतिनिधि गीता नारायण ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि सशस्त्र समूहों के 30 से 50 प्रतिशत सदस्य बच्चे हैं, जिनमें से कुछ की भर्ती 9 साल की उम्र के बच्चों की भी की गई है। उन्होंने इसे भयावह बताया।




