Monday, March 2, 2026
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जनजातीय बाहुल्य बैतूल जिले में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज शीघ्र स्थापित होगा: प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल

कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पत्रकार वार्ता का आयोजन

बैतूल : शनिवार, दिसम्बर 13, 2025,

राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने प्रदेश सरकार के विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल को जनसेवा, सुशासन और विकास को समर्पित बताते हुए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी। प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बीते दो वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के हित में अनेक जनकल्याणकारी निर्णय लिए हैं। जिले में स्वास्थ्य, उदयोग,शिक्षा, सड़क, जल आपूर्ति, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

पत्रकार वार्ता में आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान, घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगाबाई उईके, मुलताई विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्‍य एवं जिला अध्यक्ष श्री सुधाकर पवार सहित बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पत्रकार बंधू उपस्थित थे।

आदि कर्मयोगी अभियान में भारत सरकार ने बैतूल को बेस्ट परफार्मेंस के रूप में चुना

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान में बैतूल जिले को बेस्ट परफार्मेंस जिले के रूप में चुना गया, जिसके लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी को सम्मानित किया गया। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत धरती आबा जनजाति ग्राम उत्‍कर्ष अभियान के तहत शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं में जनजातीय समुदाय को लाभान्वित करने एवं अधोसंरचना विकास के लिए जिले की 554 ग्रामों के समग्र विकास के लिए विलेज एक्सन प्लान तैयार किया गया। बैतूल जिले की सांस्कृतिक विरासत भरेवा कला है, जिसे राष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। इस कला के शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 05 सांदीपनि विद्यालय में 05 बालक एवं 05 कन्या छात्रावास स्वीकृत किए गए, जो 100-100 सीट के हैं जिनकी कुल लागत 40 करोड़ रुपए है।

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीब वर्गीय परिवार के पक्के मकान का सपना पूरा करने के लिए शुरू किए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 बीएलसी घटक योजना के अंतर्गत स्वीकृत 4734 आवास के लक्ष्य के विरुद्ध 4566 आवास पूर्ण कराए गए है। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत नगरीय निकायों द्वारा 4294 के लक्ष्य के विरुद्ध 4299 का लक्ष्य प्राप्त किया गया। बैतूल जिले को पीएम स्वनिधि योजना में शत प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। अमृत 2.0 वाटर बॉडी-योजना के अंतर्गत स्वीकृत 3 कार्यों को शतप्रतिशत पूर्ण कराया जाकर शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को जल आपूर्ति की जा रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना के अंतर्गत स्वीकृत 03 संजीवनी क्लीनिक निर्माण कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण कराया जाकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया गया है।

औद्योगिक निवेश की ओर अग्रसर बैतूल

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष-2025 के विजन के फलस्वरूप बैतूल जिले में लंबित औद्योगिक क्लस्टरों को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए सतत निगरानी और समीक्षा के माध्यम से कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया है। रीजनल इंडस्ट्री कानक्लेव नर्मदापुरम 2024 में बैतूल जिले को 110 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए , जिससे अधिक से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं जीआईएस 2025 अंतर्गत बैतूल जिले में 170 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव। जिले के मुलताई तहसील में मोही औद्योगिक क्षेत्र में 27 भूखंडों को एमएसएमई उद्योगपतियों को आवंटित करने की प्रक्रिया पूर्ण की गई है। जिससे लगभग 30 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है एवं 700 से अधिक का रोजगार सृजन होगा। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (तेलिया सागोन) के उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए कढ़ाई गांव में 20 हेक्टेयर भूमि पर लकड़ी एवं फर्नीचर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस क्लस्टर में कुल 101 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से लगभग 300 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है तथा इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5000 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से महिलाएं बनी आत्मनिर्भर

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 2 लाख 71 हजार 603 महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में कुल 858.18 करोड़ का भुगतान किया गया है। लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़कर 1500 प्रति माह की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 14 हजार 512 बालिकाओं को राशि 7.13 करोड़ की राशि प्रदान की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत 38229 महिलाओं की आर्थिक सहायता के रूप में कुल राशि 10.11 करोड़ राशि का भुगतान पीएमएमवी 2.0 पोर्टल से किया गया है। चयन पोर्टल के माध्यम से देश में पहली बार आनलाईन भर्ती प्रक्रिया के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 50 और सहायिका के 177 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की। 76 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों का पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन के अतिरिक्त 1 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत किया गया। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से संकट ग्रस्त 752 महिलाओं को सहायता मिली। इसी प्रकार मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत स्पॉन्सरशिप में 1098 बच्चों एवं बाल आशीर्वाद योजना के 153 बच्चों को लाभांवित किया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 2983 पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3605 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का बीमा कवर किया गया है।

खेल कौशल से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीयअंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि खेल कौशल से बैतूल जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। जिला खेल और युवा कल्याण के अंतर्गत जिले में राष्ट्रीय स्तर पर 6 खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जिसमें 4 खिलाड़ियों द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मैडल प्राप्त किया। इसी प्रकार 3 खिलाड़ियों ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता की, जिसमें से 2 खिलाड़ियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मैडल प्राप्त किया है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश महिला टीम से खेलते हुए बैतूल जिले की 01 महिला खिलाड़ी ने सिल्वर मैडल हासिल किया है एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में कुल 10 हॉकी खिलाड़ियों ने भाग लिया। सांसद खेल महोत्सव 2025 के अंतर्गत खिलाड़ी पंजीयन में बैतूल जिला प्रदेश में प्रथम और भारत में तृतीय स्थान पर रहा। जिले की राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री आरती मालवीय एवं सुश्री प्रेरणा साहू कराटे खेल कोटे के अंतर्गत असम रायफल में कांस्टेबल के पद पर चयनित हुई हैं।

9 अवैध उत्खननकर्ताओं पर 136 करोड़ का जुर्माना

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिले में खनिज रेत के नवीन 15 क्षेत्र चिन्हित/स्वीकृत किए , जिसकी कुल मात्रा 10 लाख घन मीटर है। इससे अवैध उत्खनन पर रोकथाम होगी। जिले में एक व्हाई क्ले ब्लॉक स्वीकृत कर नीलाम किया गया है, जिससे भविष्य में राजस्व आय सृजित होगी। जिले के अंतर्गत खनिज रेत के अवैध उत्खनन पर सशक्त कार्यवाही करते हुए 09 अवैध उत्खननकर्ताओं पर जुर्माना/शास्ति लगभग राशि 136 करोड़ रूपये अधिरोपित की गई है।

परिवहन विभाग ने 31 हजार 857 लर्निंग लाइसेंस बनाए

परिवहन विभाग ने विगत दो वर्षों में कैंप लगाकर 31 हजार 857 लर्निंग लाइसेंस बनाए। वहीं विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया गया है। इसी प्रकार श्रम विभाग ने बैतूल जिले मे मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के अंतर्गत कुल 438025 श्रमिक पंजीकृत है। संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह एवं अन्त्येष्टि सहायता योजना के अंतर्गत 1903 हितग्राहियों को कुल 41.76 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया। बैतूल जिले मे भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार के रूप में कुल 26 हजार 748 श्रमिक पंजीकृत है। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अनुग्रह एवं अन्त्येष्टि सहायता योजना अंतर्गत 295 हितग्राहियों को कुल 03.60 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया। ई श्रम पोर्टल के माध्यम से 385543 असंगठित श्रमिकों द्वारा पंजीयन प्राप्त किया गया।

आयुष्मान भारत निरामयम योजना में बैतूल अग्रणी जिलों में शामिल

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने बताया कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के हितग्राहियों के बनाए गए कार्ड के लक्ष्य 1202969 में से 1119476 की पूर्ति की गई है। वहीं योजना में 70 एवं इससे अधिक आयु वर्ग के हितग्राहियों के 72409 के लक्ष्य के विरुद्ध 42581 कार्ड बनाए गए हैं, जिसमें जिला प्रदेश में अग्रणी जिलों में शामिल है। निक्षय पोषण योजना के तहत जिला बैतूल अंतर्गत वर्ष 2024 में कुल 219 पंचायत को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया। जिसके लिए महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा बैतूल जिले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। सिकलसेल कार्यक्रम के तहत मैदानी स्तर पर सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में सिकल सेल एनीमिया के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान में 183868 के विरूद्ध 1720958 की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। महामहिम राज्यपाल महोदय एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वी जयंती पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन में जबलपुर मेडिकल सेल स्क्रीनिंग कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। निक्षय पोषण योजना वर्ष 2024 में जिले की कुल 219 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। जिसके लिए माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा जिला बैतूल को पुरस्कृत किया गया। वहीं जनजातीय बाहुल्य बैतूल जिले में पीपीपी मोड पर अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज शीघ्र स्थापित होगा।

दो वर्षों में 1 लाख 46 हजार 838 राजस्व प्रकरणों का हुआ निराकरण

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विगत 02 वर्ष में दर्ज राजस्व प्रकरण 1,55,840 विरुद्ध 1,46,838 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जो 94 प्रतिशत है। राजस्व प्रकरणों निराकरण कर बैतूल जिला अग्रणी जिलों में शामिल है। वर्तमान राजस्व वर्ष 2025-26 में 09 दिसम्बर 2025 तक दर्ज राजस्व प्रकरण 59909 के विरुद्ध 51039 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है, निराकरण का प्रतिशत 85 प्रतिशत है। प्रदेश में बैतूल जिला अग्रणी जिलों में शामिल है। नक्शा तरमीम में जिले में वर्षों से लंबित राजस्व नक्शे की तरमीम अंतर्गत 01 जनवरी 2024 से लक्ष्य 3,38,224 के विरुद्ध 2,86,512 तरमीम पूर्ण की गई है। शेष 51,712 में से करने योग्य भूखण्ड पर तरमीम की कार्यवाही जारी है। फार्मर रजिस्ट्री अंतर्गत 2,93,254 में से 286152 अर्थात 97.58 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिले में स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों को तेजगति देकर 1 जनवरी 2024 से आज तक 735 ग्रामों का अंतिम अभिलेख प्रकाशन किया गया है। जिले में 1203 ग्रामों में से 1169 ग्रामों का निराकरण कर दिया गया है। राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देते हुए, राजस्व वर्ष 2024-25 में 15.29 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की गई। पिछले वर्षों से यह अब तक की सर्वाधिक वसूली है। नजूल लीज नवीनीकरण नजूल लीज नवीनीकरण से 2,21,93,045 रुपये की राजस्व वसूली प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार योजना में 84 प्रतिशत प्रकरणों का निपटान हुआ और मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान योजना में शत प्रतिशत प्रगति प्राप्त की गई है।

ई-ऑफिस का सफल क्रियान्वयन

जिला अग्रणी प्रदेश में ई-ऑफिस का क्रियान्वयन 1 मार्च 2025 से प्रारंभ किया गया। बैतूल जिले के सभी जिला स्तरीय कार्यालय , अनुविभागीय कार्यालय, तहसील कार्यालय एवं जनपद पंचायत कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनबोर्ड किया गया। जिले में 95 कार्यालयों के कुल 1200 अधिकारी/कर्मचारियों के उपयोगकर्ता (यूज़र) ई-ऑफिस में बनाए गए। 60 ऑफ़लाइन एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से जिले के कुल 1200 अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कंप्यूटर, लैपटॉप और स्कैनर का उपयोग कर पुरानी फ़ाइलों का डिजिटलीकरण भी किया जा रहा है। जिले में 17,240 से अधिक ई-फ़ाइलें और 17,657 से अधिक ई-रसीदें तैयार की गई हैं। प्रदेश में बैतूल जिला प्रथम स्थान पर है। ई-ऑफिस के सफल क्रियान्वयन से जिले में शासकीय कार्यों में कुशलता, गति और पारदर्शिता आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी की मंशानुसार जिले में सुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। लोक सेवा प्रबंधन में सीएम हेल्पलाईन दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2025 की अवधि में जिला लगातार सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग में ए श्रेणी में शामिल रहा है। इस अवधि में कुल 1,30,366 शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया गया, जो जिले की प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था और बेहतर प्रशासनिक कार्यक्षमता को दर्शाता है। जिला ई-गवेनेंस सोसाईटी एवं एमपीएसईडीसी के माध्यम से जिले में 50 से ज्यादा आधार सेवा केन्द्रों का संचालन नागरिकों के लिये किया जा रहा है। पिछले 02 वर्षों में विभाग द्वारा नागरिकों की सहुलियत की दृष्टि से 200 आधार केम्पों का आयोजन किया जा चुका है। समग्र आधार ई-केव्हायसी में कुल 1681768 समग्र सदस्य में से 1515777 समग्र सदस्यों की ई-केव्हायसी सफलतापूर्वक कर जिला प्रदेश में अग्रणी जिलों में शामिल रहा है।

4.15 करोड़ की लागत से आजीविका प्लाजा परिसर हो रहा निर्मित

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने बताया कि जल संचय जन भागीदारी भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2025 अंतर्गत प्रारंभ किए गए अभियान में बैतूल जिले में जल शक्ति मंत्रालय के पोर्टल पर 13499 पूर्ण कार्यों को चिन्हांकित कर एन्ट्री की गई। जिसमें बैतूल जिले को वेस्ट जोन अंतर्गत तृतीय स्थान प्राप्त करने पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल श्री अक्षत जैन को 25 लाख की राशि का पुरस्कार एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया। ग्रामीण उद्योगपति को शहरी क्षेत्र में मार्केटिंग करने के लिए 4.15 करोड़ की लागत का आजीविका प्लाजा परिसर निर्मित किया जा रहा है, इसमें 59 दुकानें एवं दीदी कैफ़े सहित अन्य आकर्षक व्यवस्थाएं होगी। एसएचजी से स्टार्टअप अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के पांच स्टार्टअप कंपनियों में उद्यमियों से 8.5 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इस निवेश से स्थापित ग्रामोद्योग से समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार सृजन एवं कौशल विकास के अवसर निर्मित होंगे। यह अभियान शासन की लखपति दीदी एवं स्टार्टअप इंडिया योजनाओं के उद्देश्यों को संयोजित करने के लिए एक नवीन पीपीपी मॉडल के रूप में साबित हो रहा है।

मनरेगा योजनान्तर्गत विगत 02 वर्ष में लगभग 68.93 लाख मानव दिवस सृजित किये जाकर 11859 कार्यों को पूर्ण किया गया। सुदूर ग्राम संपर्क सड़क के 42 कार्य राशि रूपये 807.20 लाख के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। जिले के समस्त 1335 ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन किया जाकर समस्त ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किये गये है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत शौचालय विहीन पात्र 5883 परिवारों को शौचालय निर्माण किये जाने पर राशि  12 हजार  प्रति शौचालय के मान से 7 करोड राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदाय की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत 88 करोड की राशि से 7369 हितग्राहियों के आवास निर्मित कराये जाकर उनके जीवन स्तर में सुधार किया गया।

ग्रामीण आजीविका मिशन में बैतूल जिले में एनआरएलएम के तहत 13489 स्व. सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों में 164734 पात्र परिवारों के महिलाओं को शामिल कर समूह गठन में शत प्रतिशत सैचुरेशन प्राप्त कर लिया गया है। भारत सरकार की महत्वपूर्ण लखपति दीदी इनिशिएटिव कार्यक्रम के तहत लक्ष्य 37500 के विरुद्ध दो साल में 22300 स्व. सहायता समूह सदस्यों को कृषि, पशुपालन, कुटीर उद्योगए और अन्य आजीविका एवं आर्थिक गतिविधियों में जोड़कर सालाना 1 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर लखपति क्लब में शामिल किया जा चूका है। जिले में विभिन्न गैर कृषि आधारित गतिविधि जैसे- किराना दुकान, मनिहारी, बड़ी पापड़, आचार, टेराकोटा, सिलाई कड़ाई बुनाई, बांस उत्पाद, आटा चक्की, शहद प्रोसेसिंग इत्यादि गतिविधियों से 22365 समूह सदस्यों को जोड़ा गया है। 11612 स्व सहायता समूहों को राशी 18.60 करोड़ रूपये चक्रीय निधि के रूप में एवं 6187 समूहों को संगठनों के माध्यम से 56.81 करोड़ रूपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में शासन द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदाय की गई है। विगत दो वर्षों में 9763 एसएचजीएस को बैंक लिंकेजसे 265.68 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे विभिन्न आय अर्जक गतिविधियों के संचालन करने में सहायता प्राप्त हुई है इससे समूह सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

किसान कल्याण की उपलब्धियां

प्रभारी मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि खरीफ एवं रबी मौसम में 143088 मेट्रिक टन उर्वरक वितरण हुआ है , जो गत वर्ष वितरीत किये गये उर्वरक (142671 मेट्रिक टन) से 416 मेट्रिक टन अधिक है। मृदा स्वास्थ्य मैनेजमेन्ट कार्यक्रम के तहत 20891 किसानों को स्वाईल हेल्थ कार्ड वितरीत किये गये हैं, जो गतवर्ष वितरीत स्वाईल हेल्थ कार्ड (5375) से 15516 अधिक है। जिले के 1408 किसानों को सिंचाई यंत्र जैसे-स्प्रिंकलर, ड्रीप, मिनीस्प्रिंकलर, पाईप लाइन, डीजल/विद्युत पंप वितरीत किये गये है। जिले के 507 किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी मौसम में 177515 लांभावित कृषक आवेदकों को 6035 लाख की राशि का बीमा दावा राशि प्राप्त हुई है। इसी प्रकार कृषि अभियांत्रिकी द्वारा वर्ष 2023-24 में 13 एवं वर्ष 2024-25 में 27 कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित किए गए। जिले में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं को कठोरता से नियंत्रित किया जा रहा है, कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा नरवाई प्रबंधन यंत्र सुपर सीडर की संख्या 25, मल्चर की संख्या 68 की गई है तथा 59 स्ट्रारीपर व्यवस्था की गई है। जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए रीपर कम बाईंडर की संख्या 412 है। कुल 42281 कृषकों का जे-फार्म सर्विस एप पर पंजीयन किया गया है। जिले के 138 कस्टम हायरिंग सेंटर ऑन बोर्ड किए जा चुके हैं। जिले में नरवाई प्रबंधन यंत्र 1196 जे-फार्म एप पर पंजीयन किए गए हैं।

सिंचाई एवं पेयजल की उपलब्धियां

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में बैतूल जिला अद्भुत कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र बैतूल के अंतर्गत घोघरी मध्यम परियोजना में 39.01 मि.घ.मी. पानी रोका जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामों का भूमिगत जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। परियोजना से 4.26 मि.घ.मी. पानी पेयजल हेतु आरक्षित रखा गया है। वर्ष 2025-26 में 4000 हे क्षेत्र में टेस्टिंग) सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। आगामी वर्ष 2026-2027 में 11987 हे क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। परियोजना के निर्माण होने पर 43 ग्रामों को 11987 हे. में सिचाई का लाभ प्राप्त होगा। वहीं विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही के अंतर्गत सवन्याकोल लघु जलाशय योजना में 0.75 मि.प.मी. पानी रोका जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामों के भूमिगत जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। वर्ष 2025-26 में 150 से क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। रूपाकिंत सिंचाई क्षमता 150हे क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है। योजना से 02 ग्रामों को 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही के अंतर्गत पाथाखेड़ा लघु जलाशय योजना में 0.85 मि.घ.मी. पानी रोका जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामों का भूमिगत जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। वर्ष 2025-26 में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026-27 में 225 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। योजना से 03 ग्रामों को 225 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ प्राप्त हो रहा है। विधानसभा क्षेत्र आमला के अंतर्गत तिरमऊ बैराज योजना से 185 हे क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। योजना 02 ग्रामों के 123 कृषकों को सिंचाई का निरंतर लाभ दिया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र आमला के अंतर्गत कोंढ़रखापा बैराज से 200 हे क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। योजना से 01 ग्राम के 133 कृषकों को सिंचाई का निरंतर लाभ दिया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र मुलताई के अंतर्गत वर्धा मध्यम परियोजना से 5700 हे. क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। योजना से कृषकों को 13 ग्रामों के 3800 कृषको को सिंचाई का निरंतर लाभ दिया जा रहा है।

गरीब कल्याण में उपलब्धियां

स्वामित्व योजना जिले में स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों को तेज गति देकर 1 जनवरी 2024 से आज तक 735 ग्रामों का अंतिम अभिलेख प्रकाशन किया गया है। जिले में 1203 ग्रामों में से 1169 ग्रामों का निराकरण कर दिया गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना अंतर्गत अब तक 1903 प्रकरणों में 41 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि का अंतरण मजदूरों की दिव्यांगता और मृत्यु के आधार पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये की गई।

जिला योजना एवं सांख्यिकी में उपलब्धियां

सांसद महोदय द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से 552 लाख रूपये के 212 विकास कार्य जनहित में किये गये हैं। माननीय सांसद महोदय द्वारा सांसद स्वेच्छानुदान निधि से 1061 हितग्राहियों को 48 लाख रूपये की नगद सहायता प्रदाय की गई है। जिले के माननीय विधायकों द्वारा विधायक निधि से 1914 लाख रूपये के 663 निर्माण एवं विकास कार्य जनहित में किये गये हैं। जिले के माननीय विधायकों द्वारा स्वेच्छानुदान निधि से 5949 हितग्राहियों को 694 लाख रूपये की की नगद सहायता प्रदाय की गई है।

आयुष विभाग की उपलब्धियां

जिले के 7977 बच्चे जो 6 माह से 16 वर्ष की आयु के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराकर उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए सार्थक कदम उठाए गए। 02 आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं 01 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं 1 हौम्योपैथी चिकित्सक का पद सृजित किया गया।

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक योजना अंतर्गत मध्यप्रदेश के मूल निवासी पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा जैसे स्नातक , स्नातकोत्तर, पीएचडी, तकनीकी, नर्सिंग, पैरामेडिकल, इंजीयनिरिंग, पोलेटेक्निक आदि के लिए छात्रवृत्ति योजना के तहत 27207 छात्र/छात्राओं को लाभांन्वित किया गया है। सिविल सेवा योजना अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को संघ एवं राज्य लोक सेवा परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने पर 64 छात्र/छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गई। विगत 02 वर्षों में उच्च शिक्षा के लिए विदेश अध्ययन करने गए जिले के 2 छात्रों को 33.40 लाख की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदाय की गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग की उपलब्धियां

विगत 2 वर्ष से शासकीय शालाओं के शिक्षकों द्वारा स्वयं अभीभूत होकर चलाई जा रही है जेईई- नीट की निःशुल्क कोचिंग द्वारा 188 छात्र-छात्राओं ने सफलता अर्जित की है।सत्र 2025-26 में जिले के 8479 छात्रों द्वारा राष्ट्रीय मिस कम मेरिट का टेस्ट दिया गया, जो अभी तक का एक रिकॉर्ड है, जिले का प्रदेश में अग्रणी स्थान है। जिला बैतूल अंतर्गत धरती आबा कार्यक्रम के तहत 03 से अधिक छात्रावासों को अनुमोदन मिला है। जिला बैजूल अंतर्गत चार चरणों में 24 पीएम श्री विद्यालयों का विस्तार, 03 मॉडल स्कूल, इनमें 11237 से अधिक विद्यार्थी नामांकित हुए हैं। जिला बैतूल अंतर्गत 06 सांदीपनि स्कूलों में रोबोटिक्स लैब और 14 पीएम श्री स्कूलों में एटीएल लैब की स्थापना की गई। शासकीय शाला में कक्षा 6 वीं में अध्ययनरत ऐसे बालक बालिका जिनके ग्राम में माध्यमिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध नही है एवं निवास बसाहट से शाला की दूरी 2 किमी से अधिक है उनमें से 5584 बालक/बालिका की निःशुल्क सायकल प्रदान की गई है। 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के सिर्फ 1 माह में जिला बैतूल अंतर्गत 1132 विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण। 2025-26 में प्रथम चरण में ही जिला बैतूल अंतर्गत 251 विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूटी वितरण। जिला बैतूल अंतर्गत 101945 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 6 करोड़ 11 लाख रुपए की राशि का अंतरण। जिला बैतूल अंतर्गत 378 निजी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत पढ़ने वाले 16040 बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राशि 8 करोड़ 71 लाख की गई। समेकित छात्रवृत्ति योजना 2025 के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 39 हजार से अधिक विद्यार्थियों के खातों में आरएस 8 करोड़ 34 लाख की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण किया गया।

कौशल विकास की उपलब्धियां

जिले में वर्ष 2025 में महिलाओं का प्रवेश 35 प्रतिशत के लक्ष्य को पार करते हुए 41 प्रतिशत अर्जित किया गया है। जो प्रदेश में महिला प्रवेश में प्रथम स्थान पर है। औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ऑन-द-जॉब-ट्रेनिंग की सुविधा देने हेतु “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” अंतर्गत 478 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। जिले की सुश्री त्रिशा तावडे छात्रा ने इलेक्ट्रशियन आल इंडिया ट्रेड टेस्ट में सेंट्रल जोन मे महिला केंडिडेट में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले को गौरान्वित किया, जिसके लिये जुलाई 2025 में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा सम्मानित किया गया। इसी प्रकार सुश्री निकिता तैवडे छात्रा ने कप्युटर हार्डवेयर आल इंडिया ट्रेड टेस्ट 2025 में और श्री अरविन्द कुमरे छात्र मैकेनिक कप्युटर हार्डवेयर ट्रेड आल इंडिया ट्रेड टेस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

तकनीकी शिक्षा में उपलब्धियां

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा प्रावीण्यता के आधार पर छात्राओं को 50,000 रुपये प्रति वर्ष प्रगति छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाते हैं। विगत 5 वर्षों से शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय , बैतूल को प्रदेश में सर्वाधिक छात्रवृत्ति प्राप्त हुई हैं। विगत दो वर्षों में 189 प्रगति छात्रवृत्ति प्राप्त करने में बैतूल जिला पुनः प्रथम स्थान पर है। इसी प्रकार शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बैतूल में विगत दो वर्षों में 322 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित उपक्रमों में हुआ जो सौ प्रतिशत है।

पशु पालन एवं डेयरी विभाग की उपलब्धियां

मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशाला (कामधेनू निवास) की स्थापना बैतूल जिले में ग्राम फुलबेरिया तहसील घोड़ाडोंगरी रकबा 54.40 हेक्टेयर भूमि का पशुपालन एवं डेयरी विभाग को आवंटन किया गया है, स्वावलंबी गौशाला में 5000 निराश्रित गौवंश रखे जाने का प्रावधान है। किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन) योजना अंतर्गत ऋण शुन्य प्रतिशत ब्याज दर पर 12297 पशुपालकों को 60 करोड़ रुपए का ऋण क्रेडिट उपलब्ध किया जा रहा है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना अंतर्गत 25 दुधारू पशु प्रति इकाई की डेयरी स्थापित करने हेतु 22 हितग्राहियों को ऋण तथा अनुदान उपलब्ध कराकर डेयरी व्यवसाय से जोड़ा गया है। सम्मुनत मुर्राह सांड प्रदाय योजना एवं नंदीशाला सांड प्रदाय योजना अंतर्गत 21 पशुपालकों को उन्नत नस्ल के नर पशु प्रदाय किये गए। बकरी इकाई एवं कुक्कुट योजना अंतर्गत 246 हितग्राहियों को अनुदान प्रदाय कर रोजगार सृजन किया गया है।

मत्स्योद्योग विभाग की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री मछुआ समृ‌द्धि योजना अंतर्गत जिले में 70 लाख की लागत से 14 स्मार्ट फिश पार्लर बनाये जा रहे हैं। जिले में विगत 02 वर्षों में 1000 से अधिक मत्स्य पालक को मछुआ क्रेडिट कार्ड प्रदाय किये गये हैं। प्रदेश में बैतूल जिला एक मात्र जिला है जिसमें पंगेशियस मछली के मत्स्य बीज का कृत्रिम रूप से उत्पादन किया जा रहा है। मत्स्य बीज उत्पादन में संलग्न श्रीमती अल्का मंडल को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन 2025 में प्रशस्ति पत्र प्रदाय किया गया।

सहकारिता में उपलब्धियां

सहकारिता विभाग अंतर्गत जिले में 5.67 करोड रूपये प्रबंधकीय अनुदान दिया जाकर शतप्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति की गई एवं रू , 88.58 लाख का विक्रेताओं को शतप्रतिशत मानदेय प्रदाय किया गया।

रेशम विभाग की उपलब्धियां

जिले में 20 हेण्डलूम स्थापित कर 25 महिलाओं को रेशम बुनाई का प्रशिक्षण प्रदाय कर 316 नग रेशमी साड़ियों का उत्पादन किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। जिलें में रेशम क्षेत्र के अंतर्गत प्रदेश की एकमात्र फार्मर प्रोडूसर कम्पनी जो जिले में ककून उत्पादन से लेकर रेशम धागा उत्पादन का कार्य करते हुये, लगभग 350 से 400 ग्रामीण महिलाओं को रोजगार प्रदान करा रही है।

रोजगार में उपलब्धियां

युवा संगम (रोजगार मेला) बेरोजगार युवक/युवतियों को रोजगार देने हेतु 26 रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 2194 युवक / युवतियों को लाभांवित किया गया। पंजीयन एवं मुद्रांक में संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज के पंजीयन से आय रू. 158.36 करोड़ आय अर्जित की जाकर लक्ष्य से 6.9 प्रतिशत अधिक उपलब्धि प्राप्त की गई।

लोक निर्माण विभाग (भवन)

जनजातीय कार्य विभाग में सीएम राईज योजनान्तर्गत विभाग द्वारा 7 स्वीकृत में से 5 सीएम राईज स्कूल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में सीएम राईज योजनान्तर्गत विभाग द्वारा 3 स्वीकृत कार्य में से 1 कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे बैतूल जिले के छात्र/छात्राओं को बेहतर परिवेश और आवश्यक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ प्राप्त होगा। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग (सेतू) में जिले में 30.00 करोड से अधिक की लागत से 07 पुलों का निर्माण किया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उपलब्धियां

सड़कों का उन्नयनीकरण (हॉट बाजार, चिकित्सा सुविधा, मण्डी एवं शिक्षा के आधार पर) जिला बैतूल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत विगत 2 वर्षों में 11 सड़क 19.21 कि.मी. एवं 12 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड बैतूल एवं जल निगम

जल जीवन मिशन अंतर्गत एकल ग्राम 1096 नलजल योजनाओं में उपलब्धि प्राप्त की जा चुकी है, जिसमें 223509 घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय करने में जिला प्रदेश स्तर पर अग्रणी जिलों में शामिल है।

प्रकृति और जैव विविधता वन विभाग की उपलब्धियां

संयुक्त वन प्रबंध समितियों के 160402 सदस्यों को काष्ठ विदोहन से प्राप्त लाभांश की 50 प्रतिशत राशि 1660.83 लाख का वितरण किया गया। बांस मिशन योजना अंतर्गत कृषकों की निजी भूमि पर 2.60 लाख बांस पौधों का रोपण कर 1328 कृषकों को राशि 160.95 लाख का अनुदान वितरण किया। तेन्दूपत्ता संग्रहण करने वाले 50070 हितग्राहियों को प्राप्त लाभांश की राशि रू. 1474.35 लाख का वितरण किया। बैतूल जिले के वन क्षेत्रा में 26.86 लाख पौधों का रोपण किया गया। मध्यप्रदेश का पहला ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व 250 वर्ग किलोमीटर में स्थापित होंगा। मध्य प्रदेश के प्रथम कंज़र्वेशन रिजर्व 250 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में ताप्ती कंज़र्वेशन रिज़र्व अधिसूचित किया गया है। जिले में 6 नगर वन स्वीकृत किए गए हैं।

पुलिस एवं सैन्य कल्याण

डिजिटल अरेस्ट के झांसे से 64 वर्षीय बुजुर्ग को बचाया- 01.12.2025 को सूचना प्राप्त हुई कि राजेश गेस्ट हाउस बगडोना थाना सारणी क्षेत्रान्तर्गत एक व्यक्ति को साइबर ठगों द्वारा तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट में फंसाकर धमकाया जा रहा है। ठग वीडियों कॉल के माध्यम से स्वयं को ईडी व सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को गलत लेन-देन के झूठे आरोपी में भयभीत कर रहे थे तथा मामले को दबाने के नाम पर 73 लाख की धनराशि की माँग कर रहे थे। (पीड़ित चेतराम नरवरे उम्र 64 वर्ष नि० अशोका गार्डन भोपाल, रिटायर्ड डब्ल्यू, सी.एल. कर्मचारी)। इसी प्रकार बैंक फ्राड 9.84 करोड रूपये में बैतूल जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 3 जनधन, 3 सामान्य और एक मृतक के खाते का उपयोग कर ठगी की गई। यह खाते बैतूल के खेड़ी सावलीगढ़ के मजदूर और गरीब वर्ग के लोगों के है। इन खातों में 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रू. का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया। पुलिस ने आरोपी राजा उर्फ आयुष चौहान निवासी खेड़ी सावलीगढ़, अंकित राजपूत, नरेन्द्र राजपूत निवासी इंदौर को गिरफ्तारी किया गया है। (जप्ति 15 मोबाईल, 25 सिम कार्ड, 21 एटीएम, 11 पासबुक, 7 चेकबुक, 2 पीओएस मशीन, 69 एटीएम जमा स्लिम, 2 लैपटॉप, 1 राउटर, 4 रजिस्टर-डायरी)। इसके अलावा 06 वर्षीय मासूम बालिका के अपहरण की सूचना पर बालिका को महाराष्ट्र के तिवसा गांव से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। 07.12.2025 की शाम लगभग 6 बजे बालिका घर के सामने खेल रही थी, तभी गांव का ही एक आदतन अपराधी उसे मोटर साईकिल पर बैठाकर ले गया। परिजनों द्वारा आरोपी अनिल कुशराम नि० खड्का जामगांव, जिला अमरावती (महा०) पर संदेह व्यक्त किया गया, जो हाल ही में अमरावती जैल से पैरोल पर रिहा हुआ है तथा उस पर पूर्व में हत्या, दुष्कर्म एवं चोरी जैसे गंभीर अपराधों में सजा हो चुकी है। पुलिस द्वारा राज्यस्तरीय संयुक्त सर्चिग की जाकर बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया गया है। साथ ही टीम गठित कर आरोपी अनिल कुशराम की भी गिरफ्तारी की गई हैं। किसी जवान के शहीद होने पर दी जाने वाली सहायता राशि में से 50 प्रतिशत शहीद की पत्नी और 50 प्रतिशत राशि माता-पिता को दी जाएगी। डायल-112 एकीकृत सेवा प्रारंभ की गई।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की उपलब्धियां

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने बताया कि 2 वर्षों में प्रत्येक माह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 309607 हितग्राहियों को 135228 मे.टन निःशुल्क राशन सामग्री का वितरण किया गया है। जिले में 12840 ई-श्रम परिवारों को राशन पात्रता देकर निःशुल्क राशन का लाभ प्राप्त हो रहा है। गेंहू उपार्जन पर कुल 3958 किसानों को कुल 62.39 करोड एमएसपी + 4.50 करोड़ बोनस दिया गया है। धान उपार्जन पर कुल 13078 किसानों से उपार्जित मात्रा 86313 मेट्रिक टन का कुल राशि 193.98 करोड़ का भुगतान किया गया है। जिले में लाडली बहनाओं को उज्जवला योजना के तहत 6.48 करोड़ रूपये निःशुल्क गैस सिलेण्डर रिफिलिंग में अनुदान की राशि का भुगतान किया गया। राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए लाभार्थी को एसएमएस अलर्ट से राशन वितरण के प्रत्यके स्तर की सूचना दी गई है।

 

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