Friday, May 15, 2026
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क्यूसीआई और बीएचईएल ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में संयुक्त रूप से अंतर सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम गुणवत्ता मंथन का आयोजन गुणवत्ता और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ाने के लिए किया

 Delhi

भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के सहयोग से नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में अंतर पीएसयू गुणवता मंथन का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं में संरचित ढाँचों और उत्कृष्टता मॉडलों के माध्यम से राष्ट्रीय गुणवत्ता आंदोलन को आगे बढ़ाने में क्यूसीआई की भूमिका पर ज़ोर दिया गया। भाग लेने वाले सार्वजनिक उपक्रमों ने सिक्स सिग्मा, लीन, क्वालिटी सर्कल्स, टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस (टीपीएम), डिजिटल ऑटोमेशन और आपूर्तिकर्ता विकास कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में अपने अनुभव और पहलों को साझा किया। इस संवादात्मक सत्र ने प्रथाओं के मानकीकरण और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद की।

इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच सहयोग और पारस्परिक ज्ञान को मजबूत करना है, जो कि क्यूसीआई के वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और गुणवत्ता-संचालित संस्थानों के विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो विकसित भारत 2047 के उद्देश्यों में योगदान देगा।

बीएचईएल के कॉर्पोरेट गुणवत्ता एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता प्रमुख डॉ. दुर्गेश सी. गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में, राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) – क्यूसीआई के सहयोग से, बीईएल, बीपीसीएल, ईआईएल, गेल, आईओसीएल, पीजीसीआईएल और टीएचडीसी सहित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) एक मंच पर आए। इस मंच ने गुणवत्ता प्रबंधन, व्यावसायिक उत्कृष्टता, परिचालन दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला गुणवत्ता, डिजिटल परिवर्तन और स्थिरता-उन्मुख प्रदर्शन में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाया।

क्यूसीआई के अध्यक्ष, श्री जैक्सय शाह ने कहा कि क्यूसीआई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्र सहित भारतीय उद्योग जगत में गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतर-सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम गुणवत्ता मंथन औद्योगिक परिचालनों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक रचनात्मक कदम है।

बीएचईएल के निदेशक (अनुसंधान एवं विकास), श्री एस.एम. रामनाथन ने अपने मुख्य भाषण में भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्वजनिक उपक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिज़ाइन से लेकर वितरण तक सरलता और प्रभावशीलता की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि गुणवत्तापूर्ण परिणाम, बेहतर ग्राहक संतुष्टि और परिचालन दक्षता में बदल सकें।

एनएबीसीबी के अध्यक्ष डॉ. रवि पी. सिंह ने सभी उद्यमों में एक विश्वसनीय और सक्षम गुणवत्ता आश्वासन ढाँचे के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने भारतीय गुणवत्ता प्रणालियों की विश्वसनीयता और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए अनुरूपता मूल्यांकन तंत्र को मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन क्यूसीआई और बीएचईएल के संयुक्त सत्र के साथ हुआ, जिसमें संस्थागत सहयोग के संभावित मॉडलों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें अनुकूलित गुणवत्ता साझेदारी और परिपक्वता संवर्धन कार्यक्रम शामिल थे। अंतर-सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम गुणवत्ता मंथन ने भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में गुणवत्ता-उन्मुख शासन और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए क्यूसीआई और बीएचईएल की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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