Saturday, June 13, 2026
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आपदा प्रबंधन, पूर्व तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश

संभागायुक्त ने जिलेवार तैयारियों का जायजा लिया

विदिशा : बुधवार, जून 4, 2025,

वर्षाकाल के दौरान भोपाल संभाग के किसी भी जिले में किसी भी प्रकार की क्षति ना हो इसके लिए किए जाने वाले प्रबंधो पर आज संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने संभाग के सभी जिलो के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से संवाद कर आपदा प्रबंधन के संबंध में किए जाने वाले कार्यो की विभागवार तैयारियों के संबंध में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से संवाद कर वर्षाकाल के पूर्व किए जाने वाले प्रबंधो पर गहन प्रकाश डाला है।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने विदिशा जिले में बाढ आपदा से बचाव पूर्व किए गए प्रबंधो की जानकारियां सांझा की वहीं विभागवार सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन प्रबंधो तथा एसओपी के क्रियान्वयन से अवगत कराया।

संभागायुक्त की व्हीसी के उपरांत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने एनआईसी व्हीसी कक्ष में मौजूद विभिन्न विभागो के अधिकारियों को बाढ आपदा से बचाव के लिए विभागवार निर्धारित एसओपी के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।  वर्षारूपी जल का भराव वार्डो में ना हो इसके लिए नालो की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ का पानी पहली बार नालो की सफाई ना करें के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित हो। खासकर पिछले अनुभवों को शेयर करते हुए कहा कि जैसे ही बारिश होती है वैसे ही नालो मे बहाव चालू होता है तो कचरा बहता हुआ नजर आता है ऐसी स्थिति किसी भी वार्डो में कदापि नजर ना आए।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि हर वर्ष बाढ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जाता है। उन क्षेत्रों में वर्षारूपी जल का भराव ना हो के लिए अभी से हर विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना को तैयार कर संयुक्त रूप से मूर्तरूप देना सुनिश्चित करें। खासकर निकाय क्षेत्रों निचली बस्तियों में वर्षारूपी जल का भराव ना हो के अलावा उन्होंने नवीन सडको के निर्माण कार्य होने से सडको को क्रास करने वाले नालो में पाइप बगैरा की जांच पडताल अभी से कर लें। इसी प्रकार की तैयारियां ग्रामीण क्षेत्रो में भी करने के निर्देश उन्होंने दिए है।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिले में जो भी जलाश्य, नदियां है जिनके माध्यम से वर्षारूपी जल बस्तियों, शहर में भरता है का चिन्हांकन पूर्व में किया जा चुका है। इसके अलावा और नए क्षेत्रों में जलभराव की संभावना हो तो उसकी सूची तैयार की जाए।

वर्षाकाल के दौरान स्थानीय एसडीएम, तहसीलदार सतर्क रहें और जिला कार्यालय, राज्य के बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम से सतत सम्पर्क बनाए रखें। बांधो का पानी छोड़ने से पूर्व संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को चेतावनी दी जाए। बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार से जनहानि ना हो के प्रबंध पूर्व में सुनिश्चित किए जाए। इसी प्रकार पशु हानि भी ना हो पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने पर उन्होंने बल दिया।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि जिन विभागोें की सड़कों पर पुल-पुलिया है कि सूची तैयार की जाए और बाढ़ से प्रभावित होने वाली पुल-पुलियों पर बेरीकेट् लगाने और चैकीदार तैनात करने की जबावदेंही संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम का गठन किया जाता है ठीक वैसे ही तहसील स्तरों पर कार्यवाही की जाए। उन्होंने तहसीलों पर स्थापित वर्षामापी यंत्रो की जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावितों को जिन राहत शिविरों में रखा जाएगा की सूची पूर्व में तैयार करने और राहत शिविरों में तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति कराए जाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि अन्य जिलो के जलाश्य, तालाबों से छोडा जाने वाला पानी जिले की नदियों के माध्यम से प्रवाहित होता है। इसलिए कंट्रोल रूम के नम्बरों से सतत सम्पर्क बनाए रखें। कि कब-कब पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान ना दें। क्षेत्र के कोटवारों सहित अन्य शासकीय अमले को प्रशिक्षित किया जाए और उनके सम्पर्क नम्बरों की सूची तैयार की जाए।

टीम गठन

आपदा प्रबंधन के तहत जिला मुख्यालय, तहसील, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर पर टीम गठित करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए। प्रत्येक टीम में पांच-पांच सदस्यों के अलावा स्थानीय गणमान्य नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा।

राहत शिविर

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि बाढ़ आपदा के दौरान प्रभावितों को जिन स्थलों, स्कूलों में रूकवाने की व्यवस्था की जाती है वहां पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं पूर्व में ही ईजाद की जाए ताकि आवश्यकता पडने पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्थाओं का सामना मौके पर ना करना पडें।

उपकरणों का परीक्षण

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने डिस्ट्रिक्ट होमगार्ड कमाण्डेट के अलावा अन्य विभागो वर्षाकाल के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणांे का परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू आपरेशन हेतु जो भी दल नियत स्थलों पर पहुंचता है तो उसके पास आवश्यक उपकरण अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

                पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने आपदा प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि ना हो, बाढ प्रभावित क्षेत्रो में किए जाने वाले बाढ बचाव संसाधनो के उपयोगो तथा विभिन्न स्तरो पर सामग्रियों का विकेन्द्रीकरण करने, सूचना तंत्रो की प्राप्ति हेतु किए गए प्रबंधो से अवगत कराया है। पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने कहा कि प्रत्येक विभाग के नोड्ल अधिकारी वर्षाकाल अवधि में सतत सम्पर्क में बने रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अमले सहित बचाव राहत स्थल पर अविलम्ब पहुंचेगे। उन्होंने ऊर्जा विभाग और नगरपालिका की एक-एक टीम पुलिस थानों में समुचित उपकरणों सहित मौजूद रहेगी।

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