Saturday, March 7, 2026
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पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में जोया बलूच की चुनौती, पीएम और सेना प्रमुख को निशाना बनाया

पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में लगातार विरोध-प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. समी दीन और महरंग बलूच की गिरफ्तारी के बाद बलूच मूवमेंट को जोया बलूच के रूप में नया चेहरा मिल गया है. 11 साल की जोया लगातार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. कहा जा रहा है कि जोया के जरिए बलूच के नेता पूरे मूवमेंट को नई धार देने में जुट गए हैं.

पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ जोया के भाषणों को खूब शेयर किया जा रहा है. जोया अपने भाषण में पाकिस्तान सरकार को दहशतगर्द तो सेना को जुल्मी बताकर निशाना साध रही है.

पहले जानिए कौन है जोया बलूच?
11 साल की जोया बलूच एक्टिविस्ट जहीर बलूच की बेटी है. जहीर बलूच 2015 में पाकिस्तान के हब सिटी से गायब हो गए. परिवार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने उसे किडनैप कर लिया. उसके बाद से जहीर अब तक घर नहीं लौटे. जहीर के समर्थन में क्वैटा से लेकर कराची तक विरोध प्रदर्शन किया गया.

पहले जहीर के लिए उनकी बहन विरोध प्रदर्शन करती थीं, लेकिन अब 11 साल की बेटी जोया ने मोर्चा थाम लिया है. जोया हर प्रोटेस्ट में अपने पिता को वापस दिलाने की मांग करती हैं. जोया का हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे लोगों के साथ वी वांट जस्टिस (मुझे न्याय चाहिए) का नारे लगा रही थी.

मंच से जोया का दमदार भाषण
एक वायरल वीडियो में जोया कहती है- हमे दहशहगर्द कहा जा रहा है, लेकिन असली दहशतगर्त तो सत्ता में है. हमारे लोगों को घरों से उठाया जा रहा है, उसका जवाब कौन देगा? जोया अपना अधिकांश भाषण बलूच के स्थानीय भाषा में ही देती है.

इतना ही नहीं, प्रदर्शन के दौरान जोया अपने हाथों में अपने पिता जहीर बलूच की एक पोस्टर भी साथ रखती है. जोया का कहना है कि मैं जिस उम्र में पढ़ना चाहती थी, उस उम्र में अपने पिता को खोज रही हूं. यह कैसा देश है?

पाकिस्तान के खिलाफ विरोध तेज
बलूचिस्तान में एक तरफ जहां बलोच लिबरेशन आर्मी ने सेना के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं बलूच मूवमेंट के नेता भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इन नेताओं का कहना है कि बलूच में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है. लगातार उनके लोगों को घर से अपहरण कर ले जाया जा रहा है.

1948 में पाकिस्तान का हिस्सा बन चुके बलूचिस्तान में लंबे वक्त से आजादी की मांग की जा रही है. वहीं पाकिस्तान का कहना है कि बलूच को आजाद नहीं किया जाएगा. बलूच में लगातार हो रहे दमन को लेकर यूनाइटेड नेशन ने भी पाकिस्तान को लताड़ लगाई है.

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