Monday, February 23, 2026
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नेस्ट्स ने ईएमआरएस के लिए अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम शुरू किया

भोपाल : बुधवार, अक्टूबर 23, 2024,

नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राईबल स्टूडेंट्स (नेस्ट्स) ने गत 22 अक्टूबर को ‘मध्यप्रदेश’ सहित आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा राज्य में 50 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में ‘अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम’ के तीसरे चरण का शुभारंभ किया।

नेस्ट्स के कमिश्नर श्री अजीत कुमार श्रीवास्तव ने नई दिल्ली में चार दिन के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के साथ-साथ ईएमआरएस कोडर्स एक्सपो का भी उद्घाटन किया। यह पिछले शैक्षणिक वर्ष के दौरान ईएमआरएस की शीर्ष 20 कोडिंग परियोजनाओं की एक प्रदर्शनी है।

नेस्ट्स कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने उभरती हुई नई तकनीकों को पढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल के साथ जनजातीय शिक्षकों को सशक्त बनाने के महत्व के बारे में बताया। समारोह में नेस्ट्स के आयुक्त ने शीर्ष 3 छात्र कोडिंग परियोजनाओं को उनकी रचनात्मकता और नवाचार के लिए सम्मानित किया। साथ ही शीर्ष 3 आईटी शिक्षकों को पूरे वर्ष उनके समर्पण और मार्गदर्शन के लिए सम्मानित भी किया।

अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर प्रोग्राम का तीसरा चरण देश भर में प्रस्तावित 410 ईएमआरएस में शुरू किया जाएगा। यह इंजीनियरिंग प्रोग्राम दो साल से चल रहा है। इस प्रोग्राम के जरिये कक्षा 6 से 8 तक के अब तक 7 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कम्प्यूटर विज्ञान और ब्लॉक प्रोग्रामिंग से परिचित कराया गया है। इसमें पिछले चरणों में 50 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। तीसरे चरण में कक्षा 6 से 9 तक के छात्रों के लिए ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को शामिल करने के लिए पाठ्यक्रम का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 10 के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट-आधारित वर्चुअल सत्र भी किये जाएंगे, जो सीबीएसई एआई कौशल पाठ्यक्रम के साथ होंगे।

नेस्ट्स देश भर में जनजातीय छात्रों के लिए तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा देने और शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से नेस्ट्स का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जनजातीय वर्ग के छात्र विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणितीय क्षेत्रों (एसटीईएम फील्ड) में भावी करियर के लिए अच्छी तरह से तैयार हो सकें। इससे देश की तकनीकी उन्नति को बढ़ावा मिलेगा और हमारे विद्यार्थी एसटीईएम फील्ड में दक्ष बनेंगे।

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