Friday, February 6, 2026
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RVNL, Bharat Dynamics जैसे मल्टीबैगर के प्रॉफिट में गिरावट, शेयर दबाव में, स्टॉक में कब एंट्री बन रही है?

शेयर मार्केट की तेज़ी के बीच कुछ स्टॉक ऐसे हैं, जो पिछले साल तो मल्टीबैगर साबित हुए हैं, लेकिन वित्तवर्ष 2024.25 की पहली तिमाही के कमज़ोर परिणाम ने उनके स्टॉक की चाल खराब कर दी है. इनमें आरवीएनएल, भारत डायनामिक्स जैसे कुछ पीएसयू स्टॉक भी हैं.

ऐसे कुछ मल्टीबैगर जो कमज़ोर तिमाही नतीजों के बाद अपने ऊंचे लेवल से 35 प्रतिशत तक गिर गए हैं, उनमें निवेशक एंट्री करने की ओपर्चुनिटी देख रहे हैं, लेकिन यह जोखिम भरा कदम भी हो सकता है, इसलिए यह तय करना आवश्यक है कि इन मल्टीबैगर्स में एंट्री पॉइंट कब बन रहा है.

जिन कंपनियों की कमज़ोर तिमाही आई हैं उनकी अर्निंग ग्रोथ और भविष्य का दृष्टिकोण संभवतः दो सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर हैं, जो पिछली तिमाही में सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. जून तिमाही के अर्निंग सीज़न में कई कंपनियां, जिनमें खुदरा-पसंदीदा मल्टीबैगर्स भी शामिल हैं, अपने अर्निंग टेस्टिंग में खरी नहीं उतर पाईं हैं.

रेलवे पीएसयू आरवीएनएल के शेयरों में पिछले साल 356% की तेजी आई है. इसकी पहली तिमाही की सेल्स 27% की गिरावट आई है, जबकि लाभ में सालाना आधार पर 35% की गिरावट आई है.इसी तरह Bharat Dynamics Ltd के क्वार्टली प्रॉफिट में 83% की गिरावट आई और सेल्स में 36% की तेज गिरावट आई.

इसी आधार पर देखें तो ITDC के शेयरों ने भी पिछले साल लगभग दोगुना पैसा कमाकर बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन कंपनी ने लाभ में अब 32% की गिरावट और टॉपलाइन में 28% की गिरावट दर्ज की है.

स्मॉल और मिडकैप शेयर की कीमतों में तेज उछाल के परिणामस्वरूप भारत का मार्केट कैप-टू-जीडीपी रेशो 150% तक बढ़ गया है, जो पीएटी/जीडीपी साइकिल से आगे चल रहा है.

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

अर्निंग में गिरावट वाली कंपनियों में प्राइस करेक्शन हो सकता है. खासकर अगर बाजार लंबे समय तक हाई ग्रोथ की उम्मीद कर रहा था.

राइट होराइजन्स के फाउंडर और फंड मैनेजर अनिल रेगो ने कहा,

“आमतौर पर जब किसी कंपनी की आय वृद्धि धीमी हो जाती है तो निवेशक की धारणा कमजोर हो सकती है, जिससे शेयर की कीमतों में गिरावट आ सकती है. मार्केट पार्टिसिपेंट्स अक्सर अपेक्षित भविष्य के प्रदर्शन के आधार पर अपने वैल्यूएशन को एडजस्ट करते हैं, इसलिए यदि अर्निंग में बढ़ोतरी अनुमान से कम है तो शेयर की कीमतें गिर सकती हैं क्योंकि निवेशक अपने व्यू पर फिर से विचार करते हैं.”

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