Tuesday, June 9, 2026
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13 माह का बच्चा…जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कर बैठी दादी, कार में दम तोड़ गया वो..

Grandma carelessness resulted Baby Death in Car: जॉर्जिया में कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। दादी अपने पोते के साथ कार से घूमने निकली। कार में एक छोटा सा हीटर रखा था। दादी ने सोचा बच्चे को ठंड लग रही होगी, तो उन्होंने हीटर चालू कर दिया। आमतौर पर बच्चे भी सर्दी में गर्माहट का एहसास होने पर नींद के आघोश में चले जाते हैं। यहां भी वही हुआ। बच्चा सो गया और दादी ने उसे आराम से पीछे की सीट पर लिटा दिया।

जिंदगी की सबसे बड़ी गलती

दादी ने सोचा पोता सो रहा है तो क्यों ना सहेली से मुलाकात कर ली जाए। दादी कार लेकर सहेली के घर पहुंची। बच्चे को उठाती तो शायद वो जाग जाता और अधूरी नींद में रोने लगता है। लिहाजा दादी ने तय किया कि बच्चे को कार में सोने देते हैं और जल्दी सहेली से मिलकर वापस आ जाऊंगी। उन्हें क्या पता था कि उनकी यही लापरवाही जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन जाएगी और उन्हें 10-30 साल तक की सजा सुना दी जाएगी।

लॉन्ग ड्राइव पर निकली बारबारा

यह कहानी है 47 वर्षीय बारबारा मिशेल पेम्बर्टन की। बारबारा बेशक बूढ़ी हो गईं थीं लेकिन उनके ऊपर अपने 13 महीने के पोते शैडो ब्रैक्सटन की देखभाल की जिम्मेदारी थी। मिशेल भी अपने पोते से बहुत प्यार करती थीं। जॉर्जिया की सर्दी में मिशेल का पोते के साथ घूमने का मन हुआ और वो उसे लेकर लॉन्ग ड्राइव पर निकल गईं।

लापरवाही पड़ी भारी

बारबारा ने बस एक गलती कर दी। लॉन्ग ड्राइव की बजाए वो सहेली के घर पहुंच गई और पोते को कार में सोता छोड़ दिया। कार का हीटर ऑन था, जिससे उनके पोते को सर्दी ना लगे और वो आराम से सोता रहे। बारबारा ने यह फैसला पोते के हित में लिया था। मगर उनकी इस लापरवाही ने पोते की जान ले ली।

5 घंटे बाद आईं बाहर

बारबारा सहेली के घर के बाहर कार पार्क करके अंदर गईं। बातों में उन्हें पता ही नहीं चला कि कब 5 घंटे बीत गए। बीच-बीच में बारबारा को पोते का ख्याल आया और उसने अपनी सहेली से कहा कि वो एक बार शैडो को देख कर आती है। मगर सर्दी इतनी थी कि उसने शैडो को डिस्टर्ब करना सही नहीं समझा और खुद भी घर से बाहर नहीं निकलीं। 5 घंटे बाद जब बारबारा बाहर निकली तो कार की हालत देखकर हैरान रह गई।

कार में मृत मिला पोता

दरअसल तब तक मौसम थोड़ा साफ हो गया था और धूप कार के शीशे के आर-पार हो रही थी। कार में पहले से हीटर चल रहा था और कार की खिड़कियां भी बंद थीं। सूरज की रोशनी पड़ने से बड़ी मात्रा में हीट ट्रैप हो गई और कार के अंदर का तापमान 100 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक जा पहुंचा। बारबारा ने कार का दरवाजा खोला तो उसके पोते की मौत हो चुकी थी। यह सब देखकर बारबारा हैरान रह गई।

पुलिस ने बताई वजह

पुलिस का कहना है कि यह हादसा बारबारा की लापरवाही का नतीजा है। कार में हीटर चला छोड़कर वो 5 घंटे गायब रही। ऐसे में गर्मी के कारण शैडो को हीट स्ट्रोक आया और उसकी सांसे थम गईं। बारबारा को 10-30 साल तक की सजा सुनाई गई है। जाहिर है उसकी एक गलती ने उसकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी।

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