नई दिल्ली (Delhi Basement Flood)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से 2 छात्राओं समेत तीन की मौत हो गई। तीनों की पहचान कर ली गई है। एक छात्रा यूपी के आंबेडकर नगर की रहने वाली है।
ताजा खबर यह है कि बेसमेंट में राहत तथा बचाव कार्य अंतिम चरण में है। इस बीच, सुबह से छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है। सुबह दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल भी मौके पर पहुंचीं।
छात्रों का आरोप है कि उनके कुछ अन्य साथी लापता हैं जो हादसे के समय लाइब्रेरी में मौजूद थे। ऐसे ही एक छात्रा का नाम शुभ रंजन बताया गया है। आशंका है कि मृतक संख्या बढ़ सकती है।
इस बीच, पुलिस ने कोचिंग संचालक और प्रबंधक के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कर लिया है। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
5 मिनट में बेसमेंट की छत तक भर गया पानी, रस्सी फेंकी गई, लेकिन नजर नहीं आई
बेसमेंट की लाइब्रेरी में फंसे छात्रों में शामिल नकुल ने आपबीती सुनाई है। पानी से लबालब हो चुके बेसमेंट से जिंदा निकलने वाला नकुल आखिरी छात्र था।
नकुल ने बताया कि सभी छात्र लाइब्रेरी में थे। बारिश का पानी बहुत तेजी से बेसमेंट में घुसा। छात्र ऊपर आने के लिए सीढ़ियों की ओर भागे, लेकिन पानी का बहाव इतने तेज था कि सीढ़ियों पर चढ़ना मुश्किल हो रहा था।
बकौल नकुल, ‘अधिकांश छात्र-छात्राएं जैसे-तैसे निकल गए। जो फंस गए, उनको बचाने की कोशिश तेज हुई। बेसमेंट में छत की ऊंचाई 12 फीस है। पांच मिनट के अंदर छत तक पानी भर गया।’
‘हमें बचाने के लिए रस्सी फेंकी गई, लेकिन पानी गंदा होने के कारण हमें रस्सी नहीं दिखाई दी। मैं जैसे-तैसे बचकर बाहर निकला।’
बेसमेंट हादसे के तीनों मृतकों की पहचान
- तान्या सोनी, तेलंगाना
- श्रेया यादव, युपी
- नेविन डालविन, केरल
हालात बिगड़े, तो कोचिंग सेंटर ने प्रशासन को सूचना दी
- कोचिंग सेंटर से कर्मचारी पहले खुद ही हालात काबू करने की कोशिश करते रहे।
- बाद में पुलिस- फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। एनडीआरएफ को भी बुलाया गया।
- बेसमेंट में अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- एनडीआरएफ के गोताखोरों ने बेसमेंट में घुसकर छात्र-छात्राओं की तलाश शुरू की।
- करीब डेढ़ घंटे बाद दो छात्राओं के शव मिले। बाद में एक छात्र का शव और मिला।




