इंदौर। सामान्य हरी भिंडी से अलग इंदौर की थोक सब्जी मंडी में इन दिनों लाल भिंडी चर्चा में है। बीते दिनों से शहर की मंडियों में बिकने आ रही भिंडी का रंग असल में बैंगनी है, लेकिन लाल भिंडी के नाम से बिक रही है। सामान्य भिंडी के मुकाबले इसे दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है।
थोक में 50 रुपए किलो बिक रही लाल भिंडी
लाल रंग की भिंडी का न केवल रंग लुभा रहा है बल्कि दावा किया जा रहा है कि सेहत के लिए भी यह ज्यादा लाभदायक है। इंदौर की देवी अहिल्याबाई होलकर थोक मंडी में सामान्य हरी भिंडी करीब 25 रुपये किलो के दाम पर बिक रही है। इसके मुकाबले इस थोक मंडी में लाल भिंडी को 50 रुपये किलो यानी दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है।
स्वाद में कोई अंतर नहीं
खेरची बाजारों में भी इस भिंडी को 100 से 150 रुपये किलो के दाम पर बेचा जा रहा है। सीमित मात्रा में इक्का-दुक्का दुकानों पर दिख रही इस भिंडी को आम लोग भी जिज्ञासा और नया स्वाद आजमाने के लिए खरीदने लगे हैं। हालांकि सामान्य हरी भिंडी और इसके स्वाद में कोई अंतर नहीं है।
किसानों चख रहे मुनाफे का स्वाद
हालांकि किसानों को जरूर यह बेहतर मुनाफे का स्वाद चखा रही है। इंदौर थोक मंडी के कारोबारी सलीम चौधरी के अनुसार, सप्ताह भर में थोक मंडी में लाल भिंडी की 8 से 10 बैग (पन्नी) ही बिकने आ रही है। आवक नाम मात्र की है। निमाड़ के कुछ किसान इसकी उपज ले रहे हैं और वे ही इसे बेचने आ रहे हैं। रंग के कारण यह खरीदारों को आकर्षित कर रही है। ज्यादा पौष्टिक भी बताया जा रहा है इसलिए थोक मंडी में मुंह मांगी कीमत पर लाल भिंडी बिक रही है।
भोपाल ने 1000 रुपए किलो बिकी
नई आवक होने पर इसे हमने बनवाकर चखा भी है। स्वाद में किसी तरह का कोई अंतर नहीं है। पकने के बाद इस रंग गहरा हरा हो जाता है। कुछ महीनों पहले भोपाल की मंडी में पहली बार यह भिंडी किसी किसान ने उगाकर बेची थी। वहां शुरू में इसे एक हजार रुपये किलो तक बेचा गया। ऐसे में निमाड़ के किसान भी इसके प्रति आकर्षित हुए।
ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट
लाल भिंडी की नई किस्म को पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल वाराणसी ने दो साल पहले विकसित कर ली थी। नेशनल हॉर्टिकल्चर फेयर बेंगलुरु में इसी साल आईसीएमआर ने आइसी-2656648-3-2 नाम से लाल भिंडी की किस्म प्रदर्शित की।
आईसीएमआर के अनुसार, इस भिंडी के पौधे न केवल बीमारी से बचाता है, बल्कि कम पानी में भी 15 टन प्रति हेक्टेयर तक उपज देते हैं। 40 से 45 दिन में उपज तैयार हो जाती है। इसके बाद इसके बीज बाजार में जारी किए गए।
दावा किया गया कि इसका रंग दो खास एंजाइम एंथोसायनिन और पॉलीफेनॉल्स के कारण बैंगनी लाल होता है। ये दोनों एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो सेहत के लिए लाभप्रद होते हैं। साथ ही इंटरनेट मीडिया पर तमाम ऐसी खबरें भी प्रसारित हुई की लाल भिंडी डायबिटीज और कैंसर रोकने में लाभप्रद होती है। ऐसे में बाजार में इसकी मांग बढ़ती दिख रही है।




