सिवनी। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित दक्षिण सामान्य वनमंडल के खवासा वन परिक्षेत्र अंतर्गत खंडासा जंगल में रविवार शाम जंगल में मवेशियों को चरा रहे एक 57 वर्षीय वृद्ध चरवाहे रामा बोपटे (गौली) पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया।बाघ चरवाहे को दबोचकर अपना शिकार बनाता, इससे पहले जंगल में चर रही भैंसों ने बाघ की ओर दौड़ लगाकर चरवाहे (मवेशी मालिक) की जान बचा ली। इसे इंसान व पालतु जानवराें के बीच गहरा रिश्ता ही कहा जाएगा, जहां हमलावर बाघ को मवेशियों ने जंगल लौटने पर मजबूर कर दिया।
डर कर भाग गया बाघ
भैसों के आक्रमक होते ही बाघ को पीछे हट गया, जिससे घायल चरवाहे रामा गौली ने मौके से भागकर अपनी जान बचा ली। खवासा वन परिक्षेत्र अधिकारी घनश्याम चतुर्वेदी ने नईदुनिया को बताया कि रविवार को खंडासा टोला निवासी रामा गौली 7 जुलाई की शाम करीब 4 बजे खंडासा जंगल में मवेशी चरा रहा था। जंगल गए मवेशियों में चरवाहा रामा गौली की कुछ भैंस और अन्य जानवर भी थे।
इसी बीच जंगल में मौजूद एक बाघ ने चरवाहे रामा गौली पर हमला कर दिया। वन परिक्षेत्र अधिकारी चतुर्वेदी ने बताया कि बाघ के हमले में रामा गौली के पीठ व पैरे में पंजा लगने से गहरे घाव हो गए हैं। घायल चरवाहे के अनुसार, जैसे ही बाघ ने हमला किया, उसकी भैसें और अन्य मवेशियों ने बाघ की ओर दौड़ लगा दी। इससे हमलावर बाघ पीछे हट गया और उसने भागकर अपनी जान बचा ली।




