Maharashtra Politics : लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उठापटक के संकेत मिल रहे हैं। अजित पवार गुट के कुछ विधायकों के शरद पवार खेमे में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। विधानसभा चुनाव से पहले अटकलों ने डिप्टी सीएम अजित पवार की चिंता बढ़ा दी। इस बीच एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि कौन विधायक पार्टी में शामिल हो सकते हैं और कौन नहीं?
जानें शरद पवार ने क्या कहा?
शरद पवार ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो नेता या विधायक पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं, उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। लेकिन, जो लोग संगठन को मजबूत करने में मदद करेंगे और पार्टी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, ऐसे ही नेताओं को पार्टी में एंट्री मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद ही यह भी फैसला लिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में अजित गुट को लगा झटका
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में अजित पवार गुट का प्रदर्शन खराब रहा। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अजित गुट के कुछ विधायक विधानसभा चुनाव से पहले शरद गुट में लौटने के इच्छुक हैं। एनसीपी ने चार सीटों में सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल की, जबकि एनसीपी (SP) के 10 उम्मीदवारों में 8 को जीत मिली।
अजित पवार ने राज्य मंत्री पद ठुकराया
मोदी 3.0 कैबिनेट में अजित पवार की एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल को राज्य मंत्री का पद ऑफर किया गया था। हालांकि, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री का पद स्वीकार करना उनके लिए डिमोशन माना जाएगा, क्योंकि वे पहले केंद्र में कैबिनेट मंत्री थे।




