Sunday, February 22, 2026
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डिग्री व डिप्लोमा कर सकते हैं एक साथ, मप्र हाई कोर्ट ने दिया रोजगार सहायक की नियुक्ति का निर्देश

जबलपुर- हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि डिग्री व डिप्लोमा दोनों एक साथ किए जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों की मूलभूत प्रकृति में भिन्नता है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने इस टिप्पणी के साथ डिग्री व अंशकालीन डिप्लोमा कोर्स एक साथ किए जाने के आधार पर नियुक्ति से वंचित किए गए याचिकाकर्ता को राहत प्रदान कर दी। उसे 15 दिन के भीतर ग्राम रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दे दिए।

कम योग्यता रखने वाले को नियुक्ति

 

याचिकाकर्ता सीधी निवासी राजेश कुमार मिश्रा की ओर से वर्ष 2014 में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि उसने ग्राम सेमरी में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उसे अंक 133.83 अंक मिले थे। नियुक्ति उससे कम योग्यता रखने वाले अनावेदक अनिल कुमार वर्मा को प्रदान की दी। जबकि उसे कुल 117.33 अंक प्राप्त हुए थे। जिसके विरुद्ध उसने अतिरिक्त कलेक्टर के समक्ष अपील दायर की थी। अतिरिक्त कलेक्टर ने इस आधार पर अपील निरस्त कर दी थी कि उसने कम्प्यूटर डिप्लोमा 2001 में व बीकाम की डिग्री 2002 में प्राप्त की थी

याचिकाकर्ता की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि उसने दो अलग-अलग संस्थान से डिग्री व अंशकालीन डिप्लोमा किया था। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने अंश कालीन कम्प्यूटर डिप्लोमा करने के संबंध में पुष्टि की है। इसके अलावा यूजीसी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि डिग्री व डिप्लोमा एक साथ किया जा सकता है।

वहीं अनावेदकों की ओर से कहा गया कि लम्बे समय बाद नियुक्ति में खलल नहीं डालना चाहिए। एकलपीठ ने अपने आदेश में उक्त तर्क को दरकिनार करते हुए कहा कि याचिका पर सुनवाई लंबित थी। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत प्रदान करते हुए 15 दिनों में नियुक्ति प्रदान करने का राहतकारी आदेश जारी कर दिया।

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