मुलताई – समय के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव भी सामने आ रहे हैं और पुत्र पुत्री के बीच असमानता को
पाटने के प्रयास भी हो रहे है जिसका उदाहरण आज मोक्ष धाम मुलताई में दिखाई दिया। सहज सरल
व्यवहारिक राजेश कडूकार का आकस्मिक निधन हो गया था । सामान्यत: पिता को मुख अग्नि पुत्र द्वारा दी
जाती है किंतु उन्हें दो बेटियां है राजेश कडूकर को मुख्य अग्नि सोमवार को मोक्ष धाम में उनकी बड़ी पुत्री आयुषी ने
दी। राजेश कडुकर रविवार को दोपहर में अपने दुकान से घर की ओर जा रहे थे कि तभी भार्गव परिसर के सामने
लगी सब्जी की दुकान के पास वह अचानक अपनी स्कूटी से गिर पड़े लोगों ने उन्हें उठाकर तत्काल निजी
अस्पताल में पहुंचा किंतु तब तक उनका निधन हो चुका था जिनका आज मोक्ष धाम मुलताई में अंतिम संस्कार
कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। राजेश कडुकार
की दो बेटियां है उन्हे मुखाग्नि उनकी बड़ी बेटी आयुषी कडुकार ने दी और अंतिम संस्कार की सभी विधि छोटे
भाई आंसू कडुकार ने विधि विधान के साथ पूरा किया। अंतिम संस्कार में भाग लेने पहुंचे नागरिकों ने नम आंखों
से युवा व्यापारी को अंतिम विदाई दी। राजेश कडूकार 43 वर्ष थी पुणे में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी में काम किया।
इसके उपरांत उन्होंने साप्ताहिक अखबार में संपादन एवं पत्रकारिता की और इसके उपरांत अपने पिता के
पारंपरिक व्यवसाय को ऊंचाइयां प्रदान की उनकी दो बेटियां है राजेश कडूकर अपने पिता की तरह ताप्ती भक्ति
एवं सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे है। मुलताई को जिला बनाओ आंदोलन में हमेशा अग्रणी रहे हैं। मुलताई
को जिला बनाओ आंदोलन के विचार के आरंभ से लेकर अंत तक उन्होंने हर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाई है उनके आकस्मिक निधन से संपूर्ण नगर में शोक का माहौल है।




