इंदौर। हरदा में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने इंदौर जिले में पटाखा लाइसेंस की जांच कराई थी। इस दौरान प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने सघन बस्ती के पास और नियमों की अनदेखी करने वाली फैक्ट्रियों और गोदामों को सील कर दिया। वहीं प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर आशीष सिंह को सौंपा गया था। प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने 15 पटाखा लाइसेंस को निरस्त कर दिए।जिला प्रशासन द्वारा नियमों को अनेदखा कर पटाखा कारोबार करने वाले लाइसेंसियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। एक साथ 15 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए, इसमें 10 भंडारण और पांच लाइसेंस निर्माण से संबंधित हैं। अपर कलेक्टर सपना लोवंशी ने बताया कि अलग-अलग एसडीएम द्वारा जांच कर प्रतिवेदन दिया गया था। कई गोदामों में नियमों को अनदेखा कर छमता से अधिक भंडारण पाया गया। कई गोदाम संघन बस्ती के पास चल रहे थे। सभी को सील कर दिया गया था। इनमें सुधार संभाव नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
अपर कलेक्टर सपना लोवंशी का कहना है कि पांच लाइसेंस को निरस्त करने का प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा गया है। इसमें चार भंडारण और एक निर्माण का लाइसेंस है। यह सभी पांच लाइसेंस भोपाल से निरस्त किए जाना है।
रहवासी और व्यावसायिक क्षेत्रों से 45 मीटर से कम दूरी वाले भंडारण और निर्माण के लाइसेंस निरस्त किए हैं। रहवासी क्षेत्रों के आसपास आने वाले गोदाम संचालक यदि अन्य स्थान खोजते हैं, तो नया लाइसेंस दिया जाएगा। ताकि व्यापारी को नुकसान न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइेंसस निरस्त ही रहेंगे। – आशीष सिंह, कलेक्टर




