Khandwa News खंडवा। पंधाना जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सारोला में सुक्ता नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए बांध की गुणवत्ता एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में नदी में आई बाढ़ के कारण पूर्व में किए गए बांध के रिपेयरिंग कार्य की पोल खोल दी है।सारोला बांध के निर्माण को एक वर्ष भी नहीं बीता है और इसमें दरारें पड़ने लगी हैं। दो दिन पहले आई नदी की बाढ़ से किसानो के खेतों की फसल नष्ट हो गई तो वहीं नदी से पानी कम होने के बाद बांध में छिपी खामियां भी उजागर हो गईं हैं।
ग्रामीणों ने विधायक से की थी चर्चा
दो माह पूर्व पंधाना विधायक राम दांगोरे ने ग्राम सारोला से बिहार मार्ग के भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। तब ग्रामीणों ने उन्हें बांध की गुणवत्ता को लेकर चर्चा की थी। विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ बांध पर जाकर निरीक्षण किया था।यहां पत्थर से बांध की ऊपरी दीवार पर चोट मारने पर मटेरियल टूटने की स्थिति भी उन्होंने देखी थी। तब विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि इस कार्य की जांच करवाई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन ना ही जांच की गई और ना ही संबंधित ठेकेदार पर कोई कार्रवाई की गई।
जगह-जगह पड़ी दरारें
ग्राम के महेश तंवर, सूपडू रामकिशन ने बताया कि डेम निर्माण में गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग किया गया था। जगह-जगह दरार पड़ रही है। नीचे की कांक्रीट उखड़ चुकी है।दो माह पूर्व भी दरार भरने में लीपा पोती की गई जो अब नदी का बहाव तेज होने पर उजागर हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा दो करोड़ 73 लाख की राशि का दुरुपयोग करके घटिया निर्माण किया गया।
ठेकेदार को निर्माण कार्य के लिए बुला लिया गया। शीघ्र ही एक दो दिन में कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।निर्माण दो वर्ष के गारंटी अवधि में है। अभी ठेकेदार को फिजिकल सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। -मनमीत मंडारे, एसडीओ, जल संसाधन विभाग




