Wednesday, April 29, 2026
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टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला, कांग्रेस में अंतरकलह तो BJP लिस्ट से होगी क्लीन बोल्ड

रायपुर। Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ में सभी वर्गों को साधने के लिए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला लागू कर रही है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में टिकट के बंटवारे से पहले जातिगत समीकरण पर चर्चा हुई। कांग्रेस सरकार ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की गणना के लिए क्वांटिफाइबल डाटा आयोग का गठन किया था। इसकी रिपोर्ट के आधार पर सीटों को लेकर चर्चा हुई है। कांग्रेस ने समाज और जातियों के आधार पर सभी को टिकट और प्रतिनिधित्व देने का रोडमैप तैयार किया है। भाजपा की पहली सूची में ओबीसी वर्ग को ध्यान में रखकर 21 में से छह सीट पर ओबीसी उम्मीदवार उतारे गए हैं।

कांग्रेस की पहली सूची संभवत: 12 सितंबर को जारी होने की चर्चा थी, लेकिन अब एक बार फिर एक-एक सीट को लेकर चर्चा शुरू हुई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की सूची में दो सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं, भाजपा की दूसरी सूची में लिए जी-20 के खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समय नहीं मिलने के कारण सूची लटकी है। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि उम्मीदवारों की घोषणा से पहले सभी विषयों को देखा जा रहा है। सूची जारी होने में अभी एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में उन विधायकों के नाम पर आपत्ति आई, जिनका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। मंत्री रुद्र गुरु और मोहन मरकाम को भी आपने क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रुद्र गुरु बेमेतरा जिले की नवागढ़ सीट से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, जिसका स्थानीय नेताओं ने मुखर होकर विरोध किया है। वहीं, मोहन मरकाम के विरोध में कोंडागांव के दर्जनों कांग्रेस नेता रायपुर पहुंचे और प्रदेश प्रभारी से मुलाकात की है। चार महीने पहले तक मोहन मरकाम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे। उनके नाम का विरोध स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में चर्चा का विषय रहा।

भाजपा की पहली सूची के बाद उभरे विरोध के स्वर

 

भाजपा ने पहली सूची में सोशल इंजीनियरिंग को दरकिनार करते हुए प्रत्याशी घोषित की, जिसका विरोध हो रहा है। राजिम, सरायपाली, भटगांव, प्रेमनगर और लुंड्रा में भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के सामने नाराजगी जताई। अब अगली सूची में इस तरह के विरोध से बचने के लिए पार्टी सभी समीकरणों की पड़ताल कर रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कांग्रेस की सूची में भाजपा होगी क्लीन बोल्ड: बैज

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की लिस्ट देखकर भाजपा क्लीन बोल्ड हो जाएगी। वह 21 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करके फंस गई है। कांग्रेस सही समय में सही फैसला लेगी। भाजपा दूसरी लिस्ट जारी करने वाली थी, लेकिन बड़े नेताओं के कार्यक्रम में विरोध देखने को मिल रहे हैं, इसलिए डरी हुई है।

 

 

 

 

 

टिकट बंटने से पहले कांग्रेस की अंतरकलह सामने: साव

 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि पार्टी जीतने वाले नेता को ही उम्मीदवार बनाती है। क्षेत्र में मजबूत पकड़ और जीत की संभावना वाले प्रत्याशी ही पहली प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यकर्ता वाले नेताओं की दूसरी सूची जल्द जारी की जाएगी। कांग्रेस में तो टिकट बंटने से पहले ही अंतरकलह सामने आ गई है। मंत्री और विधायकों की टिकट का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस तरह तय हो रहे कांग्रेस के उम्मीदवार

 

कांग्रेस के उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए कई स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है। ब्लाक स्तर से आए आवेदन का पैनल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास पहुंचा। प्रदेश चुनाव समिति ने हर विधानसभा स्तर पर तीन से पांच नाम का पैनल तैयार किया। इसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य नेट्टा डिसूजा और एल हनुमंथा ने सभी सीट पर पहुंचकर एक सूची तैयार की। PEC की सूची में स्क्रीनिंग कमेटी के दावेदारों का नाम नहीं आने के बाद अब दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई है।

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