Amit Shah Statement: मध्य प्रदेश (MP) में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने हैं. एमपी की सत्ता पर एक बार फिर काबिज होना बीजेपी (BJP) के लिए बड़ी चुनौती है. इसका कारण जमीनी स्तर से आया फीडबैक है, जो पार्टी की चिंता बढ़ा रहा है. बता दें कि बीते कुछ दिनों से मध्य प्रदेश की सियासी नब्ज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) टटोल रहे हैं और अब दावा किया जा रहा है कि उन्होंने मर्ज को पकड़ लिया है. इसी कारण से हाल के दिनों में मध्य प्रदेश का ताबड़तोड़ दौरा कर रहे गृहमंत्री अमित शाह ने ग्वालियर में आयोजित हुई प्रदेश कार्यसमिति की मीटिंग में बीजेपी नेताओं को सख्त हिदायत दी. इतना ही नहीं फटकार लगाने में भी अमित शाह ने हिचक नहीं दिखाई.
एमपी में बीजेपी-कांग्रेस के बीच कड़ी जंग
बता दें कि एमपी में बीजेपी और कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले एक-दूसरे पर तीखे हमले करने में जुटी हुई है. एक ओर जहां कांग्रेस के नेशनल लेवल के नेताओं की एमपी में सक्रियता बढ़ गई है, तो वहीं एमपी जैसे राज्य की चुनावी कमान अब पूरी तरह से बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने हाथों में ले ली है.
शाह ने जिलाध्यक्षों को आड़े हाथों लिया
बीजेपी की ग्वालियर में हुई बैठक में अमित शाह ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई बीजेपी जिलाध्यक्षों को आड़े हाथों तक लिया और ये भी कह दिया कि अगर आपने अपने काम करने के अंदाज को नहीं बदला तो इस क्षेत्र में पार्टी के लिए जीतना मुश्किल हो जाएगा.
एमपी की सियासत की नब्जबताया जा रहा है कि इस इलाके में कुछ बड़े नेताओं ने अपनी पसंद के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था. लेकिन अब वो संगठन और पार्टी की जरूरत के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं. यही फीडबैक अमित शाह तक भी पहुंचा है और उन्होंने सख्त लहजे में अपनी बात को कहा है. जानकारों के मुताबिक, अमित शाह पिछले कुछ वक्त से एमपी की सियासत की नब्ज टटोलने में लगे हैं और माना जा रहा है कि अब मर्ज उनकी पकड़ में आ गई है और वो इसका इलाज भी करने में पीछे नहीं रहने वाले हैं




