Saturday, May 9, 2026
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नागपंचमी आज, मंदिरों व घरों में होगा नाग देवता का पूजन

Bhopal News: भोपाल । नागपंचमी हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार को मनाई जाएगी। इस इस बार तीन वर्ष बाद नागपंचमी सावन के सोमवार को मनाई जा रही है। पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि नागपंचमी के दिन सांपों की पूजा करने से सर्प दंश का भय नहीं रहता है। साथ ही अकाल मृत्यु का खतरा भी टलता है। इसके अलावा नाग देवता को धन का रक्षक कहा गया है, इनकी पूजा करने से धन दौलत की प्राप्ति होती है। धर्म-शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर शयन करते हैं। भगवान शिव ने तो अपने गले में वासुकीनाग को धारण किया है। यही कारण है कि हमलोग नागपंचमी के दिन नागदेवता को पूजते आए हैं। नागपंचमी पर शिवालयों में विराजे नागदेवताओं की पूजा होगी। साथ ही लोग घरों पर लोहे, चांदी, पीतल, तांबे के बने नाग-नागिन को खरीदकर उन पर दूध अर्पित करेंगे।

यह है शुभ मुहूर्त

पंडित अलोक उपाध्याय ने बताया कि नागपंचमी सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 20 अगस्त, रविवार की रात 9:03 से शुरू होकर 21 अगस्त सोमवार की रात 09:54 तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार नागपंचमी 21 अगस्त को मनाई जाएगी। 21 अगस्त की रात को चित्रा नक्षत्र रहेगा। यह मध्यरात्रि 03:47 तक रहेगा। इस साल 21 अगस्त को नागपंचमी की पूजा के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त हैं, जिससे आप पूरे दिन में कभी भी पूजा कर सकते हैं।दो शुभ योग बनेंगे 21 अगस्त को सुबह से रात 09:4 तक चित्रा नक्षत्र का शुभ योग है। उसके बाद शुक्ल योग प्रारंभ हो जाएगा, जो रात तक रहेगा। वहीं इस दिन का अभिजित मुहूर्त सुबह 11:55 मिनट से लेकर दोपहर 12:35 तक रहेगा।ऐसे करें पूजा नागपंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ नाग का चित्र बनाकर या गोबर से सर्प की आकृति बनाकर उस पर घी, दूध एवं जल अर्पित करें। साथ ही दही, दूर्वा, धूप, दीप, पुष्प, माला आदि से विधिनुसार पूजा करें। इसके बाद गेहूं, दूध, धान के लावा का भोग लगाएं। ऐसा करने से नाग देवता संतुष्ट होते हैं, साथ ही घर में नाग प्रवेश नहीं करते हैं।

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