
बिलासपुर। क्षेत्रीय परिवहन विभाग के उड़नदस्ता दल ने बुधवार को मुंगेली-तखतपुर मार्ग पर विशेष जांच की। इसमें 10 बसें ऐसी मिलीं, जिनके परिचालकों के पास लाइसेंस ही नहीं थे। इस खामी के लिए दल ने जुर्माने की कार्रवाई की गई। इससे विभाग को पांच हजार रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। बसों के सुरक्षित परिचालन को लेकर परिवहन विभाग बेहद सख्त है। यही वजह है कि विभाग की टीम लगातार विशेष जांच कर रही है।
सबसे अच्छी बात यह है कि यह जांच औचक हो रही है, ताकि किसी तरह की खामियां हो तो वह पकड़ में आ सके। इसी के तहत ही इस मार्ग पर उड़नदस्ता दल अचानक पहुंचा और बसों की जांच करने लगा। इस दौरान परमिट व फिटनेस जैसी खामियां तो नहीं मिलीं। लेकिन परिचालकों के पास लाइसेंस नहीं थे। जबकि परिचालक लाइसेंस रखने का नियम हैजब उनसे वजह पूछी गई तो परिचालकों की बोलती बंद हो गई। इसीलिए कार्रवाई की गई और उन्हें लाइसेंस बनाने के लिए सख्त निर्देश भी दिए गए। यह जांच अभी नियमित जारी रहेगी।
जांच के दौरान टीम को मार्ग पर एंबुलेंस भी नजर आई। चूंकि उन्हें शिकायत मिली थी कि निजी वाहन को एंबुलेंस बनाकर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा एंबुलेंस में जरूरी उपकरण भी नहीं रहते। जांच में शिकायत के अनुसार खामियां मिलीं।जिस पर दो एंबुलेंस मुंगेली और एक को तखतपुर में जब्त किया गया। परिवहन विभाग का मानना है कि यात्री बस, एंबुलेंस के अलावा स्कूल बस पर पैनी नजर है। किसी भी दिन स्कूलों में दबिश देकर बसों की जांच की जाएगी। क्योंकि विभागीय रिकार्ड के अनुसार 220 स्कूल बस जांच शिविर में नहीं पहुंचे थे। विभाग यह मानकर चल रहा है कि जांच में नहीं भेजने की वजह बसों की खामियां हैं।




