Saturday, May 9, 2026
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थ्रेड्स (Threads) को ट्विटर (Twitter) का ‘किलर ऐप’ कहा जा रहा है। Meta की ओर से लॉन्च किए गए इस नए ऐप के शुरुआती 24 घंटों में ही 5 करोड़ यूजर्स हो गए। कंपनी ने इसे माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया है जो कि Meta के ही Instagram ऐप से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। मेटा के पास इंस्टाग्राम पर 2 अरब से ज्यादा यूजर्स बताए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल अब Threads का यूजर बेस बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। वहीं Twitter की ओर से भी इसके लिए प्रतिक्रिया आई है जिसमें हाल ही में नियुक्त की गईं कंपनी की सीईओ ने Twitter और Threads के मुकाबले को लेकर बड़ी बात कही है। Threads ने चौंकाने वाले तरीके से यूजर रजिस्ट्रेशन में बढ़ोत्तरी की है। The Verge के एडिटर Alex Heath ने एक थ्रेड पोस्ट में बताया कि ऐप के 4.8 करोड़ यूजर्स रजिस्टर हो चुके हैं। वहीं एक अन्य थ्रेड यूजर Joe Scannell ने पोस्ट करते हुए बताया कि अब संख्या 5 करोड़ को पार कर गई है। Threads पर यूजर ज्यादा से ज्यादा संख्या में साइनअप करें, इसके लिए कंपनी प्रत्येक इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक सीरियल नम्बर दिखा रही है कि यूजर ने कब थ्रेड्स के लिए साइनअप किया। Meta का Threads ऐप App Store और Google Play स्टोर पर एक साथ लॉन्च किया गया है। लेकिन यह अभी सभी देशों में उपलब्ध नहीं है। यूरोप में अभी इसकी सर्विसेज शुरू नहीं हुई हैं। कई देशों में ऐप स्टोर पर यह टॉप में दिखाई दे रहा है। भारत में भी यह iOS पर टॉप फ्री ऐप्स में सबसे ऊपर दिखाई दे रहा है। चीन में ऐप स्टोर पर यह पांचवें नम्बर पर चढ़ आया है। जबकि Meta के अन्य ऐप्स वहां पर ब्लॉक किए गए हैं। थ्रेड्स के लिए भी कहा जा रहा है कि चीन इसे ब्लॉक ही करेगा।

Weight Loss Tips : वजन कम करना आज सबसे बड़ी चुनौती में से एक है. बढ़ा हुआ वजन और मोटापा अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है. इसलिए वजन घटाने (Weight Loss Tips) के लिए लोग एक्सरसाइज करते हैं, डाइट पर काम करते हैं. हालांकि, कम लोग ही जानते हैं कि डायटिंग वेट लॉस का कोई इलाज नहीं है. सुनकर झटका जरूर लगेगा लेकिन अगर आप भी मान रहे हैं की खाना कम कर या डाइटिंग से वजन कम कर सकते हैं तो आप भी गलती ही कर रहे हैं. मतलब खाना कम करने या न खाने से वजन कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ता ही है. आइए जानते हैं…

कम खाने या न खाने से नहीं कम होगा वजन
न्यू जर्सी की रटगर्स यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में इसका खुलासा हुआ है. कई देशों के 6,000 लोगों पर हुई इस रिसर्च में तीन तरह के ईटिंग हैबिट्स वालों को शामिल किया गया। पहला- भूख लगने पर खाना, दूसरा- इमोशनल होकर खाना और तीसरा- काफी कम खाना या डायटिंग करना…जब रिसर्च पूरी हुई तो पता चला कि कम खाने या डाइटिंग करने वालों पर उल्टा असर हुआ है. इससे उनका वजन कम तो नहीं हुआ, हालांकि, फिजिकल और मेंटल हेल्थ जरूर खराब हो गई. मतलब साफ है कि कम खाने का असर साइकोलॉजी पर पड़ती है.

फिर कैसे कम होगा वजन
इस रिसर्च में पाया गया कि सिर्फ भूख लगने पर और जरूरत जितना ही खाना खाने वाले लोगों का वजन कम हुआ है. ऐसे लोग काफी खुश रहते हैं और उनमें एनर्जी भी गजब की पाई जाती है. ब्रिटिश जर्नल ऑफ हेल्थ साइकोलॉजी में भी पब्लिश एक रिसर्च में भी बताया गया है कि भूख लगने पर खाना न खाने वाले और डाइटिंग करने वाले या खाने से खुद को रोकने वालों में ज्यादा गुस्सा और चिड़चिड़ापन रहता है.
खाने पर ध्यान दें
अगर आप अब भी यही सोच रहे हैं कि वेट लॉस के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन डाइटिंग या ना खाना है तो यह सोच बदल लीजिए. हां इस बात पर जरूर ध्यान दें कि आप क्या खा रहे हैं. वजन कम करना है तो ऑयली फूड, जंक फूड और स्ट्रीट फूड खाने से बचें. घर पर बना शुद्ध खाना ही खाएं. घर की रोटी-सब्जी से वजन ज्यादा नहीं बढ़ता है.
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