Tuesday, April 21, 2026
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इंदौर में रेट जोन में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का नगर निगम के सामने प्रदर्शन, लाठी भांजी, वाटर कैनन चली

नगर निगम द्वारा किए गए रेट जोन में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस ने दोपहर को निगम मुख्यालय पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन को लाठियां भांजनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को तीतर-बितर करने के लिए वाटर कैनन के उपयोग करना पड़ा। इसमें एक-दो प्रदर्शनकारियों को चोटें भी लगी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विधायक संजय शुक्ला, जीतू पटवारी, चिंटू चौकसे सहित सभी कांग्रेसी पार्षद व कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे। शुक्ला व पटवारी ने निगम गेट के बाहर लगे बैरिकेट पर बैठकर भाषण दिया।
निगम ने बजट में शहर की 531 कालोनियों के रेट जोन में बदलाव किया है। इसके चलते इन कालोनियों में संपत्तिकर में 30 से लेकर 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।

 

 

 

 

रेट जोन में बदलाव की वजह से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की दरों में भी 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस इसी का विरोध कर रही है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि एक तरफ तो महापौर दावा कर रहे हैं कि निगम ने नागरिकों को राहत देते हुए कोई नया कर नहीं लगाया है दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से रेट जोन में बदलाव कर शहर की 531 कालोनियों के लाखों लोगों पर कर की मार पड़ रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस दौरान महापौर व नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी भी होती रही। कांग्रेसी महापौर पुष्यमित्र भार्गव को रेट कम करने के लिए ज्ञापन सौंपने के लिए बुला रहे थे, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। इस दौरान अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अपर आयुक्त सिद्धेश जैन ने ज्ञापन लिया। करीब डेढ़ घंटे तक कांग्रेस का यह प्रदर्शन जारी रहा।

कांग्रेस इस बदलाव का विरोध करती है। हमने इस संबंध में कुछ दिन पहले ही महापौर को ज्ञापन देकर बदलाव का विरोध किया था। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। अब कांग्रेस मैदान में उतर चुकी है। प्रदर्शन के दौरान निगम में आवाजाही के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। कांग्रेस विरोध में महापौर का भी घेराव करने का प्रयास कर रही है।

 

 

 

 

सुविधाएं देने के बजाय पल्ला झाड़ रहे निगम अधिकारी

 

 

चौकसे ने आरोप लगाया कि निगम सुविधाएं देने के नाम पर शुल्क बढ़ा रहा है दूसरी तरफ आमजन को कोई सुविधा नहीं मिल रही। सुविधा बढ़ाने के नाम पर सड़कों पर जो गड्ढे खोदे जा रहे हैं, उन्हें भरा तक नहीं जा रहा। इदरीस नगर में हुआ हादसा इसी का परिणाम है। ये ही मौत के गड्ढे पूरे शहर में खोदे पड़े हैं। निगम हर बार किसी हादसे के बाद व्यवस्था सुधारने के बजाय दिखावटी कार्रवाई कर देता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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