Rajasthan Assembly Elections: छत्तीसगढ़ में राज्य के मंत्री टी. एस. सिंह देव को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अब राजस्थान में अशोक गहलोत और राजेश पायलट के बीच चल रही खींचतान को खत्म करना चाहता है. दरअसल कर्नाटक में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस मधयप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान के विधासनभा चुनावों के लेकर कोई गलती नहीं करना चाहती है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मधयप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के नेताओं के साथ मीटिंग कर चुके हैं. अब ये दोनों राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक करेंगे. सूत्रों के मुताबिक यह बैठक 3 जुलाई होगी हालांकि पहले कहा जा रहा था कि यह बैठक 1 जुलाई होगी. इस बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे.
छत्तीसगढ़ में चला कांग्रेस ने बड़ा दांव
बैठक में विधानसभा चुनाव को रणनीति तय करने के साथ ही राजस्थान में गहलोत और पायलट के बीच मनमुटाव को खत्म करने के लिए छत्तीसगढ़ के तर्ज पर किसी फॉर्मूले का ऐलान हो सकता है. कांग्रेस गुटबाजी को खत्म कर पार्टी में एकजुटता का संदेश जनता को देना चाहती है. यही वजह है कि 2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के मुख्य रणनीतिकार माने जाने वाले टीएस जूदेव को पार्टी ने अब डिप्टी सीएम बनाया है. सिंह देव को मुख्यमंत्री बघेल का विरोधी माना जाता है. सिंह देव के समर्थकों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने वर्ष 2018 में राज्य में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद सिंह देव से ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने का वादा किया था.
पायलट को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस अब राजस्थान में भी कुछ ऐसा ही करना चाहती है और राजेश पायलट को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. कांग्रेस राजस्थान में सराकर की योजनाओं का प्रचार करने में लगी है. ऐसी चर्चाएं हैं कि पायलट को चुनाव प्रचार का जिम्मा सौंपा जा सकता है.




