भोपाल-(प्रतीक पवार)
माध्यमिक शिक्षा मंडल 3500 कंप्यूटर, 3500 फोटोकॉपियर मशीन, 3500 यूपीएस और 3500 एंटीवायरस की खरीदी कर रहा है। सरकारी जेम पोर्टल से बाहर हो रही इस खरीदी में कीमत से 55 करोड़ से ज्यादा भुगतान की तैयारी है। खरीदी में सवाल इसलिए भी हैं कि जिन फर्मों ने इसमें भाग लिया है, उनका सिक्योरिटी डिपॉजिट एक ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मनीषा मार्केट स्थित शाखा से हुआ है।टेंडर भी दो-दो मिनट के अंतराल में डाले गए। सामान की खरीदी के लिए टेंडर में कुछ ऐसे स्पेसिफिकेशन डाले गए हैं, जिनमें कंपनी विशेष के उपकरण ही आ पाएं। माशिमं ने जेम पोर्टल से बाहर ‘बीओक्यू’ व्यवस्था में खरीदी के लिए टेंडर जेम पोर्टल पर ही डाले।इसका उपयोग तब किया जाता है, जब जेम पोर्टल पर खरीदे जाने वाले सामान नहीं हों। 2017 के गवर्नमेंट फाइनेंशियल रूल के मुताबिक बीओक्यू में बिड निकालने का प्रावधान ही नहीं है। एक मई से यह व्यवस्था पूरी तरह इसलिए बंद कर दी गई, क्योंकि लगातार गड़बड़ियों की शिकायत हो रही है।
सामान 40 करोड़ का था, बजट 100 करोड़ का
क्यों बढ़ी रकम… पेपर लीक के बाद प्रस्ताव बना कि पेपर होने से एक घंटे पहले कंप्यूटर पर मेल के जरिए पेपर परीक्षा सेंटरों पर भेजा जाए। पासवर्ड दिया जाए। तुरंत उसे खोला और बांटा जाए। सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपए दे दिए। टेंडर की रकम भी 100 करोड़ के पास है।
क्या कहता है जेम पोर्टल
जेम पोर्टल पर डेल कंपनी के कंप्यूटर की कीमत सबसे अधिक 61,493 है, जबकि एसर की कीमत सबसे कम 46 हजार है। यदि माशिमं एसर कंप्यूटर के साथ बाकी चीजों की खरीदी करता तो अधिकतम खर्च 35 करोड़ आता। यदि एसर की जगह डेल कंप्यूटर लिया जाता तो कुल खरीदी के बजट में पांच करोड़ रुपए बढ़ जाते। यानी कुल खरीदी 40 करोड़ तक पहुंचती।




