अखिल भारतीय चंद्रवंशीय क्षत्रिय खाती समाज द्वारा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर 20 जून को भगवान जगन्नाथ की 125वीं रथ यात्रा निकाली जाएगी। शुरुआत में समाजजन भगवान जगन्नाथ, महारानी सुभद्रा तथा बलदेवजी की मूर्ति को सिर पर रखकर निकलते थे। कुछ समय बाद बैलगाड़ी पर मूर्ति विराजित कर यात्रा निकाली गई, फिर ट्रैक्टर-ट्राली, मेटाडोर अब कुछ साल से भगवान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकल रहे हैं।समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता मिश्रीलाल चौधरी ने बताया बीते 125 साल में कई बार यात्रा का स्वरूप बदला है, परंपरा कायम है। भक्ति के उल्लास में कहीं कोई कमी नहीं आई है। यात्रा के शुरुआती साल में भी देशभर से हजारों समाजजन यात्रा में शामिल होते थे। इस बार भी 10 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे।20 जून को दोपहर तीन बजे कार्तिक चौक स्थित जगदीश मंदिर से यात्रा का शुभारंभ होगा। इससे पूर्व भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा व भगवान बलदाऊजी का अभिषेक-पूजन किया जाएगा। इसके बाद भगवान को रथ पर विराजित किया जाएगा। भगवान को रथ पर विराजित करने से लेकर अभिषेक, पूजन व आरती का लाभ समाजजन ने बोली लगाकर लिया है।
बुधवारिया से निकलेगी इस्कान की रथयात्रा, सीएम हो सकते हैं शामिल
उज्जैन में इस्कान मंदिर की रथ यात्रा 20 जून को दोपहर 2 बजे बुधवारिया चौराहा से प्रारंभ होगी। सुबह 11.30 बजे भगवान जगन्नाथ, महारानी सुभद्रा व बलदेवजी का रथ पर विराजित किया जाएगा। इसके बाद पुजारी भगवान की पूजा-स्तुति करेंगे। पश्चात दोपहर दो बजे साधु-संत व अतिथि सोने की झाड़ू से मार्ग को बुहारेंगे और रस्सियों के सहारे रथ खींचना प्रारंभ होगा।इस्कान प्रबंधन के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, वे शामिल हो सकते हैं। पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया बुधवारिया से शुरू होकर यात्रा कंठाल चौराहा, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडामाता चौराहा, फ्रीगंज ओवरब्रिज, टावरचौक, तीन बत्ती चौराहा, देवास रोड होते हुए शाम 6.30 बजे इस्कान मंदिर पहुंचेगी। यहां पूजा-अर्चना के बाद भगवान को गुंडिचा नगरी में विराजित किया जाएगा।यात्रा में हाथी, घोड़े, बैलगाड़ियों में कृष्ण लीलाओं में सजे धजे बच्चे तथा मृदंग की थाप पर भक्ति में झूमते सैकड़ों भक्त शामिल होंगे। यात्रा मार्ग पर प्रसाद वाहन से भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। प्रसाद वाहन के साथ स्वच्छता का संदेश देती भक्तों की टोली रहेगी, जो सफाई करते हुए चलेगी। 20 से 27 जून तक गुंडिचा नगरी में जगन्नाथ महोत्सव मनाया जाएगा। 28 जून को वापसी रथ यात्रा निकलेगी।




