रायपुर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड में पदोन्नति के मामले में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इससे नाराज होकर वरिष्ठ अधिकारी ने हाउसिंग बोर्ड में एक आवेदन भी दिया है और इसमें कहा है कि जब मैं वरिष्ठ था तो दूसरे अधिकारी को पद कैसे दे दिया गया।जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्र राठौड़ ने हाउसिंग बोर्ड में यह आवेदन दिया है कि वे वरिष्ठ है तो एडिशनल कमिश्नर अजीत पटेल कैसे हो सकते है। हाउसिंग बोर्ड में अप्रैल 2023 में एक ही दिन में तीन डीपीसी करते हुए नियमों को ताक में रखकर अजीत पटेल को एडिशनल कमिश्नर बनाया गया और छह वर्ष पहले यानि 2017 में एडिशनल कमिश्नर बनाए गए एचके(हेमंत कुमार वर्मा) वर्मा को वापस डिप्टी कमिश्नर बना दिया गया। इससे भी खास बात यह है कि डीपीसी होने के बाद भी अभी तक एचके वर्मा एडिशनल कमिश्नर के पद पर बैठे है और डिसीजन ले रहे है।
वर्ष 2000 में बना था नियम
बताया जा रहा है कि वर्ष 2000 में नियम बना था कि विभागीय परीक्षा को पास करना अनिवार्य है,उसके बाद भी पदोन्नति मामले में नियमों की अनदेखी की गई। खास बात यह रही कि अधिकारी को पद देने एक ही दिन में तीन डीपीसी की गई।




