भारत ने ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से गुरुवार (1 जून) को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण ने जानकारी दी कि मिसाइल बहुत उच्च स्तर की सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग लॉन्च (प्रशिक्षण प्रक्षेपण) में मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक सत्यापित किया गया.
सामरिक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान
भारत पिछले दो दशकों में विभिन्न बैलिस्टिक मिसाइलों, सटीक-निर्देशित युद्ध सामग्री और संबंधित ‘प्लेटफार्म’ को विकसित करके अपनी सामरिक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. भारत ने ‘अग्नि’ श्रृंखला की मिसाइलों के विभिन्न रूपों को विकसित किया है. पिछले दिसंबर में, भारत ने परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था, जो 5,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है. अग्नि 1 से 4 मिसाइलों की रेंज 700 किलोमीटर से 3,500 किलोमीटर तक है और उन्हें पहले ही तैनात किया जा चुका है.
DRDO ने किया है विकसित
परमाणु सक्षम अग्नि सीरीज की मिसाइलें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित की गई हैं. ये सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें हैं. ये सॉलिड रॉकेट प्रोपेलेंट सिस्टम से संचालित अत्याधुनिक मिसाइलें हैं. ये पिन प्वाइंट सटीकता के साथ लक्ष्य को भेद सकती हैं. मिसाइलें विशेष नेविगेशन सिस्टम से लैस हैं. 15 मीटर लंबी अग्नि-1 मिसाइल 1,000 तक का पेलोड ले जा सकती है.




