जब शरीर में किसी बीमारी की शुरुआत होने लगती है तब कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जिनपर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. कई बार लोग इन लक्षणों को आम समझने की गलती कर बैठते हैं, जिसकी वजह से शरीर में बीमारी का विस्तार होता चला जाता है. बीमारियों से बचे रहने के लिए यह जरूरी है कि आप शरीर में दिखने वाले लक्षणों की सही तरीके से पहचान करें. कुछ लोगों में थूक में खून आने की समस्या देखी जाती है. अधिकतर लोग इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि थूक में खून आना किन-किन बीमारियों का संकेत हो सकता है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे.
थूक में क्यों आता है खून?
1. जिंजिवाइटिस: जिंजिवाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मसूड़ों में सूजन और खून आने की समस्या देखी जाती है. कई बार तो यह बीमारी अपने आप ठीक हो जाती है. हालांकि कई बार ये चिकित्सकीय उपचार मांगती है. जिंजिवाइटिस में मसूड़ों में सूजन आ जाती है और कई बार खून भी निकलने लगता है, जो थूक के साथ मिलकर थूक के रंग को लाल कर सकता है. अगर आप कभी-भी इस स्थिति का सामना करें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
2. ब्रोंकाइटिस: फेफड़ों में हवा ले जाने वाली नली को श्वासनली कहा जाता है. श्वासनली में जलन, सूजन और संक्रमण की दिक्कत को ही ब्रोंकाइटिस कहा जाता है. इस बीमारी में ज्यादा सूजन होने की वजह से बलगम भी ज्यादा बनता है और उसमें कई बार खून आने लगता है. जब ज्यादा बलगम बन जाता है तो कई बार नलियों में रुकावट भी पैदा हो जाती है. वैसे तो ब्रोंकाइटिस अपने आप ठीक हो जाता है. हालांकि अलग यह समस्या ज्यादा दिनों तक रह जाए तो डॉक्टर का रुख करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
3. निमोनिया: निमोनिया एक बीमारी है जो फेफड़ों को प्रभावित करती है. यह बीमारी बैक्टीरिया, फंगी, वायरस की वजह से होती है. इसकी वजह से फेफड़ों में सूजन की दिक्कत पैदा हो जाती है. कई बार तो फ्लूड या पस भर जाता है, जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है. कई बार इस बीमारी में थूक से खून आने की दिक्कत भी देखी जाती है.
4. ट्यूबरक्लोसिस या टीबी: ट्यूबरक्लोसिस भी एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है. यह बीमारी फेफड़ों पर अटैक करती है. इस बीमारी के लक्षणों में थूक से खून आना भी शामिल हैं.




