संभागायुक्त श्री मालसिंह ने बुधवार को संभाग के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न गतिविधियों और कार्यों की समीक्षा की। विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन एवं सूचकांकों की समीक्षा भी की गई। संभागायुक्त श्री मालसिंह ने निर्देश दिए कि गर्भावस्था का पंजीयन प्रथम तिमाही में ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे गर्भवती को सभी आवश्यक जांच एवं पोषण सेवाएं प्राप्त हो सकें। साथ ही गर्भावस्था के दौरान न्यूनतम चार एएनसी जांच आवश्यक रूप से की जाए।
गंभीर हाई रिस्क गर्भवतीयों को पूर्व से ही चिह्नांकित कर प्रसव के लिए नजदीकी चिकित्सालय में सही समय पर भेजा जाना सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि एन. एफ. एच. एस. सर्वे 2015-16 की तुलना में 2020-21 में स्वास्थ्य सूचकांकों में काफी सुधार हुआ है। संभागायुक्त श्री मालसिंह ने कहा कि हमें अपने कार्यों की स्वयं समीक्षा कर विगत वर्षों से बेहतर सेवाएं एवं हितग्राहियों से वन टू वन चर्चा कर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ देना भी सुनिश्चित करें। अभी 10 से 31 मई तक संचालित जनसेवा अभियान में सभी विभागीय सेवाओं की सौ प्रतिशत प्रदायगी सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त श्री मालसिंह ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के सभी लंबित प्रकरणों को निराकृत किया जाए। सभी अधिनस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियां एवं उनके दायित्व सुनिश्चित करें। एक निश्चित लक्ष्य के साथ नियत समय में सीएम हेल्पलाइन का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी जिला चिकित्सालय में महिलाओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध है। विशेषज्ञों की देखरेख में प्रसव पूर्व जांच, प्रसव सेवाएं एवं एसएनसीयू सहित अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों को पहुँचाई जाए।
बैठक में सभी जिलों के मुख्यए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों टीकाकरण, टीबी, कुष्ठ, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मलेरिया, डेंगू चिकनगुनिया, ई संजीवनी टेलीकंसल्टेशन, पोषण पुनर्वास केंद्रों, एसएनसीयू के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।




