भोपाल से सटे रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए अब वहां के कोर एवं बफर क्षेत्र में स्थित ग्राम सभाओं से सहमति ली जाएगी। यह निर्णय हाल ही में राज्य वन्यप्राणी बोर्ड ने लिया है। रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का मामला काफी समय से लंबित है।
प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पा रही
जानकारी के अनुसार बोर्ड में कई बार इसके गठन का प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पा रही है। इसका मुख्य कारण रातापानी अभयारण्य में आने वाले गांव हैं।
टाइगर रिजर्व बनने से बुधनी क्षेत्र के ग्रामीणों की राजस्व भूमि वन क्षेत्र में आ जाएगी
दरअसल, टाइगर रिजर्व बनने से बुधनी क्षेत्र के ग्रामीणों की राजस्व भूमि वन क्षेत्र में आ जाएगी, जिससे उन्हें विस्थापित होना पड़ेगा। यही कारण है कि बोर्ड ने ग्राम सभाओं से सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
20 अप्रैल 2022 को बोर्ड की बैठक में निर्णय
इससे पहले 20 अप्रैल 2022 को बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया था कि प्रस्तावित रातापानी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से संबंधित जनप्रतिनिधियों, सांसदों एवं विधायकों से वन मंत्री चर्चा करेंगे तथा उनके अभिमत प्राप्त कर पुन: बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव विचारार्थ प्रस्तुत करेंगे, लेकिन वन मंत्री द्वारा अभी तक ऐसी कोई चर्चा ही नहीं की गई। जिसके चलते अब बोर्ड की हाल ही में हुई बैठक में ग्राम सभाओं से सहमति लेने का निर्णय एक बार फिर लिया गया है।




