इंदौर में विधानसभा क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा बल्ला कांड में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश के समक्ष हुई सुनवाई में निगम अधिकारियों द्वारा यह बयान दिए गए कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है अधिकारी असित खरे ने बयान देते हुए कहा है, कि मेरे सामने कोई घटना नहीं हुई है। पुलिस को हमने कोई इस तरह का बयान नहीं दिया है। निगम अधिकारी और बल्ला कांड में मार खाने वाले धर्मेंद्र का बयान होने के बाद मामले में जल्द अगली सुनवाई कोर्ट के समक्ष होना बाकी है। 26 जून 2019 नगर निगम द्वारा इंदौर के गंजी कंपाउंड स्थित एक जर्जर मकान पर कार्रवाई की जा रही थी, इसी दौरान विधानसभा क्रमांक 3 के विधायक आकाश विजयवर्गीय अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और कार्रवाई करने से रोकते हुए जोनल ऑफिसर धीरेंद्र बायस पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया। घटना के बाद वीडियो वायरल हुआ और देशभर में इस वीडियो को लेकर विधायक काफी चर्चा में आ गए। मामले में एमजी रोड स्थित थाने पर विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 11 विधायक समर्थकों को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया सभी समर्थकों के साथ आकाश विजयवर्गीय को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। विधायक होने के कारण उनका पूरा मामला भोपाल की स्पेशल कोर्ट के समक्ष चला और 29 जून को आकाश विजयवर्गीय सहित उनके समर्थकों को जमानत मिल गई थी जिस बल्ला कांड में धर्मेंद्र बायस जो उस वक्त निगम अधिकारी थे। आकाश विजयवर्गीय द्वारा बल्ले से पीटते हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन कोर्ट के समक्ष धीरेंद्र बायस ने इस बात से साफ इनकार कर दिया था। जिस समय यह घटना हुई उस वक्त वह फोन पर बात कर रहे थे और उन्होंने यह नहीं देखा की बल्ले से किस ने उन पर हमला किया। क्योंकि बल्ला पीछे से चला था उन्होंने आकाश विजयवर्गीय को बल्ला मारते हुए नहीं देखा था।




