मारुति सुजुकी भारत में सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनी है। भारत में अपनी शुरुआत करने के बाद से मारुति सुजुकी ने 2.5 करोड़ कारों का उत्पादन कर मील का पत्थर हासिल किया है। इसके साथ ही कंपनी ने एक रिकॉर्ड बना दिया है। कार निर्माता वर्तमान में हर साल लगभग 22 लाख यूनिट बनाती है। मारुति के गाड़ियों की बाजार में डिमांड इतनी ज्यादा है कि उत्पादन कम पड़ रहा है। इसको देखते हुए मारुति सुजुकी अब एक बड़े लक्ष्य की तैयारी कर रही है। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति अब हरियाणा में स्थित मानेसर प्लांट में अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मारुति सुजुकी के पास फिलहाल सितंबर तक चार लाख से ज्यादा कारों का ऑर्डर है।
मारुति सुजुकी इन प्लांटों में करती है प्रोडक्शन
मारुति सुजुकी वर्तमान में हरियाणा में स्थित मानेसर और गुरुग्राम में अपनी दो ऑपरेशनल फैसिलिटी से लगभग 15 लाख कारों का निर्माण करती है। यह गुजरात में सुजुकी प्लांट से सात लाख से अधिक यूनिट्स का भी निर्माण करती है। मारुति भी हरियाणा के सोनीपत में अपना तीसरा प्लांट लगा रही है। अगले तीन सालों में अन्य प्लांट चालू होने से मारुति को शुरुआती दिनों में लगभग 2.5 लाख यूनिट अधिक उत्पादन करने में मदद मिलेगी।
हर महीने बेचती है लगभग 1.3 लाख कारें
2025 तक मारुति की कुल उत्पादन क्षमता कम से कम 25 लाख से अधिक कारों की हो सकती है। कार निर्माता हर महीने औसतन लगभग 1.3 लाख यूनिट बेचती है। मारुति सुजुकी में कार्यकारी निदेशक राहुल भारती ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा कि अभी तक हमारे पास हरियाणा और गुजरात में लगभग 22.5 लाख यूनिट्स का उत्पादन करने की क्षमता है। आने वाले समय में हम खरखोदा प्लांट पर काम करेंगे, जो 2025 में चालू हो जाएगा।
कहां बनती है ऑल्टो, सेलेरियो, ब्रेजा और डिजायर?
मारुति मानेसर फैसिलिटी से ऑल्टो एस-प्रेसो, सेलेरियो, ब्रेजा और डिजायर जैसी कारों को रोल आउट करती है। भारत में मारुति की पहली यूनिट गुरुग्राम फैसिलिटी का उपयोग अर्टिगा, एक्सएल6 और ईको जैसी कारों के निर्माण के लिए किया जाता है। पिछले हफ्ते मारुति सुजुकी ने सोनीपत में अपना प्लांट लगाने और नए मॉडल के मैन्युफैक्चरिंग के लिए 7,000 करोड़ से अधिक के निवेश की घोषणा की है।




