फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वीली पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बुधवार को बड़ी घोषणा की। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बुधवार को स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में जब भी चुनाव होंगे वह सभी 90 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, न की गठबंधन के साथ मैदान में उतरेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस संकेत के बाद राजनीतिक गलियारों में जम्मू-कश्मीर में गुपकार गठबंधन टूटने की चर्चा भी तेज हो गई है।जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनावों से पहले पार्टी की कश्मीर प्रांतीय समिति ने सर्वसम्मित से एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यह संकल्प लिया गया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, महासचिव अली मोहम्मद सागर और कश्मीर क्षेत्र के पूरे नेतृत्व ने नेकां मुख्यालय में बैठक में भाग लिया जिसके बाद प्रस्ताव पारित किया गया।जम्मू-कश्मीर में 4 अगस्त 2019 को पांच पार्टियों का एक गठबंधन बनाया गया जिसे पीपुल्स अलायंस ऑफ गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) नाम दिया गया। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी, सीपीए, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस और सीपीआई शामिल हैं। 2020 के जिला विकास परिषद चुनावों के दौरान, गठबंधन ने चुनाव लड़ा और 280 में से 110 सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें नेकां ने अकेले 67 सीटें जीतीं। चुनाव लड़ने को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से विस्तृत जानकारी तो मुहैया नहीं कराई गई, लेकिन संकेत को कही न कही इसे पीडीपी नेतृत्व के कुछ हालिया बयानों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बुधवार को बैठक में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हवाले से कहा गया कि जम्मू-कश्मीर की पहचान की रक्षा के लिए लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकरण करना अनिवार्य है। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि बैठक में जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दों, विशेष रूप से ‘गैर-स्थानीय मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने’ पर चर्चा की गई।




